Monday, September 26, 2022

राजस्थान में स्पीड का कहर, पिछले साल कोरोना से ज्यादे ओवरस्पीड के कारण हुई मौत

राजस्थान में तेज रफ्तार गाड़ियां सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सड़क हादसों को लेकर चिंता जता चुके हैं। चिंता लाजमी भी है, क्योंकि राजस्थान में हर दिन 57 से ज्यादा रोड एक्सीडेंट हो रहे हैं, जिनमें 27 से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती हैं।

राजस्थान के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में 20 हजार 952 रोड एक्सीडेंट हुए, जिनमें 10 हजार 43 लोगों की मौत हो गई।

भास्कर ने हादसों के कारणों की पड़ताल की तो सामने आया कि इसकी सबसे बड़ी वजह है तेज रफ्तार। 2021 में हर 100 में से 82 हादसे ओवर स्पीड की वजह से हुए। 5 प्रतिशत हादसे रॉन्ग साइड में ड्राइविंग के कारण हुए। इसके अलावा 13 प्रतिशत हादसे ड्रंक एंड ड्राइव, मोबाइल का यूज और दूसरी वजहों से हुए। खास बात यह है कि एक भी हादसे का कारण खराब रोड इंजीनियरिंग को नहीं माना गया है।

काेरोना से ज्यादा मौतें रोड एक्सीडेंट से
2021 में कोरोना की दूसरी लहर में राजस्थान में कुल 6260 मौतें हुई थीं। वहीं रोड एक्सीडेंट में 10 हजार 43 लोगों की जान गई, यानी कोरोना से 3783 मौतें ज्यादा। ये आंकड़ा भी तब है जब 2021 में करीब 2 महीने से ज्यादा लॉकडाउन की पाबंदियां थी।
उदाहरण के तौर पर जब अप्रैल में कोराेना पीक पर था, उस समय लॉकडाउन की पाबंदियों के कारण रोड एक्सीडेंट में मरने वालों की संख्या 297 थी, जबकि औसतन देखें तो 2021 में हर महीने रोड एक्सीडेंट में 836 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

राज्य सरकार ने 50 सड़कों को माना एक्सीडेंट प्रोन रोड
राज्य सरकार ने किसी भी सड़क हादसे का कारण खराब रोड इंजीनियरिंग को नहीं माना है, हालांकि परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने प्रदेश भर में 50 सड़कों को एक्सीडेंट प्रोन रोड में शामिल किया है। इन सड़कों पर पिछले कुछ समय में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट हुए हैं। ऐसे में अब इन सड़कों पर सघन सड़क सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाएगा। ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग और नशे में गाड़ी चलाने वालों पर जांच कर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र सरकार ने सड़क सुरक्षा माह का सर्कुलर नहीं किया जारी
राजस्थान परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के सलाहकार अश्विनी बग्गा ने बताया कि हर वर्ष जनवरी महीने में सड़क सुरक्षा माह मनाया जाता है। पहले कोरोना और इस साल भी कोविड की तीसरी लहर की आशंका के चलते सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा माह की घोषणा नहीं की गई। अब तक मंत्रालय द्वारा सड़क सुरक्षा माह हेतु सर्कुलर जारी नहीं किया गया है।

यह भी पढ़े

21 साल की उम्र में जज बन कर जयपुर के मयंक प्रताप सिंह ने रचा इतिहास, मेहनत के दम पर पाई सफलता

आपकी राय

क्या मायावती का यूपी चुनावों में हार के लिए मुस्लिम वोटों को जिम्मेदार ठहराना सही है?

View Results

Loading ... Loading ...

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles

Latest Posts