Monday, September 26, 2022

महंगाई ने तोड़े रिकॉर्ड, अप्रैल में थोक महंगाई दर 15 फीसदी के पार पहुंची

बीते महीने, अप्रैल 2022 में वार्षिक मुद्रास्फीति की दर 15.08 फीसदी रही है। बीते साल अप्रैल के मुकाबले ये 5 फीसदी ज्यादा है। वहीं बीते साल की बात करें तो अप्रैल 2021 में यह 10.74 फीसदी पर थी, जो अप्रैल में 15 फीसदी के पास पहुंच गई। मार्च, 2022 में ये 14.55 फीसदी रही थी। महंगाई दर के आंकड़े हर आने वाले महीने के साथ अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ रही है। बीते काफी समय से महंगाई दर 10 फीसदी के ऊपर है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अप्रैल में महंगाई दर 15 फीसदी से ज्यादा रहने की वजह पेट्रोलियम, मिनरल ऑयल, बेसिक मेटल्स की कीमतों में आई बेतहाशा तेजी है। अप्रैल में फ्यूल और पावर की महंगाई दर बढ़कर 38.66 फीसदी पर जा पहुंची है जो मार्च में 34.52 फीसदी थी। वहीं अप्रैल महीने में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 8.35 फीसदी रहा है, ये मार्च 2022 में ये 8.06 फीसदी पर थी।

खुदरा महंगाई भी रिकॉर्ड स्तर पर

अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई दर भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति अप्रैल 2022 में 7.79 प्रतिशत हो गई है। जबकि यह मार्च 2022 में 6.95 प्रतिशत थी। वहीं अप्रैल 2021 में 4.21 प्रतिशत रही थी। उपभोक्ता मूल्य-आधारित मुद्रास्फीति का आंकड़ा लगातार चार महीने से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की सीमा से ऊपर बना हुआ है। देश में गेंहूं का भंडार भी पांच साल के सबसे निचले स्तर पर बढ़ती महंगाई के साथ-साथ गेंहू का घटता स्टॉक भी चिंता बढ़ा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में गेंहू का स्टॉक 2022-23 में कम हो सकता है और 2016-17 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। पिछले 13 सालों में यह अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। सरकार की ओर से भी पिछले 15 सालों में गेंहू की खरीद सबसे कम की गई है।

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