Monday, September 26, 2022

BJP: क्या शिवराज से खुश नहीं केंद्रीय नेतृत्व? ‘परिवर्तन यात्रा’ की चपेट में आ सकते हैं MP समेत तीन राज्यों के CM

त्रिपुरा में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री बदलकर बीजेपी ने कई राज्यों के सीएम को साफ संदेश दिया है कि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से दूरी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भारी पड़ सकती है.

सूत्रों का कहना है कि कुछ और बीजेपीशासित राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व की ‘परिवर्तन यात्रा’ की चपेट में आ सकते हैं.

बीजेपी की परिवर्तन यात्रा की चपेट में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया जा रहा है. मध्यप्रदेश में बीजेपी किसी भी तरह से हार का मुंह नहीं देखना चाहती है. मध्यप्रदेश के अलावा हरियाणा और कर्नाटक में भी बदलाव को लेकर बीते कुछ महीने में लगातार मंथन हुआ है. दरअसल इन राज्यों में विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव से पहले या छह महीने के बाद होंगे, इसलिए
सूत्रों का कहना है कि कुछ और बीजेपीशासित राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व की ‘परिवर्तन यात्रा’ की चपेट में आ सकते हैं.

बीजेपी की परिवर्तन यात्रा की चपेट में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया जा रहा है. मध्यप्रदेश में बीजेपी किसी भी तरह से हार का मुंह नहीं देखना चाहती है. मध्यप्रदेश के अलावा हरियाणा और कर्नाटक में भी बदलाव को लेकर बीते कुछ महीने में लगातार मंथन हुआ है. दरअसल इन राज्यों में विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव से पहले या छह महीने के बाद होंगे, इसलिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व कोई भी खतरा नहीं उठाना चाहता.

सत्ता विरोधी लहर खत्म करने को त्रिपुरा में बदलाव

त्रिपुरा में पिछले दिनों बिप्लब देब को मुख्यमंत्री पद से हटाने के फैसले को परोक्ष तौर पर सत्ता विरोधी लहर से पार पाने और पार्टी पदाधिकारियों के भीतर किसी भी तरह के असंतोष को दूर करने की नीयत से उठाया गया मालूम होता है.

2019 से अबतक पांच CM बदल चुकी है बीजेपी

पार्टी ने राज्य विधानसभा चुनाव में एक नए चेहरे के साथ उतरने की अपनी रणनीति अपनाई जो पूर्व में भी सफल रही है. आपको बता दे कि उत्तराखंड में चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री बदलने का दांव सफल साबित हुआ था. बीजेपी ने 2019 के बाद से गुजरात और कर्नाटक सहित पांच मुख्यमंत्रियों को बदला है.

किसी को भी ज्यादा छूट नहीं देना चाहती बीजेपी

सूत्रों की मानें तो त्रिपुरा की ही तर्ज पर पार्टी नेतृत्व ने गुजरात चुनाव को देखते हुए बड़ा फैसला लिया हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव में
सामूहिक नेतृत्व में जाएंगी. संदेश साफ है कि पार्टी किसी भी मुख्यमंत्री को ज्यादा छूट देने के पक्ष में नहीं. सूत्रों की अनुसार जिसका फीडबैक ठीक नहीं होगा फिर वो चाहे कोई भी क्यों न हो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया दिया जाएगा. में

जयपुर में 20-21 मई को पदाधिकारियों की बैठक

20-21 मई को जयपुर में बीजेपी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक है. इस बैठक को पीएम संबोधित करेंगे. बैठक में सभी राज्यों के प्रभारी और अध्यक्ष मौजूद होंगे. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में भी आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की मजबूती पर चर्चा की जाएगी.

पीएम मुख्यमंत्रियों को दे सकते हैं नसीहत

संभावना है कि जयपुर में होने वाली बैठक में पीएम राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी नसीहत दे सकते हैं कि संगठन को साथ लेकर चलने पर ध्यान दिया जाए. केंद्र की योजनाओं को जमीन पर जनता तक पहुंचाएं, विकास कार्यों की फाइल को टेबल पर रोकने की जगह क्लीर करने पर जोर दें नहीं तो संदेश साफ है कि अगर सरकार के काम जमीन पर नहीं दिखाई देंगे तो पार्टी ऐक्शन लेने से पीछे नहीं हटेगी.

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