Monday, September 26, 2022

चिंतन शिविर पर कटारिया ने उठाए सवाल, कहा- पिकनिक मनाने आए कांग्रेसी

राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का तीन दिवसीय नव संकल्प शिविर खत्म होने के बाद जहां कांग्रेस नई उमंग और जोश का दावा कर रही है वहीं बीजेपी की तरफ से चिंतन शिविर पर लगातार तीखी बयानबाजी हो रही है.कांग्रेस के 3 दिन मेवाड़ की धरती पर प्रवास को लेकर ताजा बयान बीजेपी के कद्दावर और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने दिया है जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. गुलाबचंद कटारिया ने कांग्रेस पार्टी के नव संकल्प शिविर को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने नव संकल्प शिविर के माध्यम से मेवाड़ की धरा पर आकर अपनी पार्टी की स्थिति और दुर्दशा के लिए चिंतन मंथन किया लेकिन पार्टी के नेता मेवाड़ की धरती पर आए इसका एहसास यहां के लोगों को नहीं हुआ. कटारिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी (congress) के किसी भी नेता ने ना तो महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर जाने का प्रयास किया और ना अपने नव संकल्प शिविर के स्वागत कार्यक्रम में राणा को लेकर कोई दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम रखा गया.कटारिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता आमोद-प्रमोद के लिए बड़े होटलों में रूके थे और तीन दिन की पिकनिक मनाकर वापस लौट गए. कटारिया के इन आरोपों पर फिलहाल कांग्रेस की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है लेकिन सियासी सुगबुगाहट जरूर तेज हो गई है

.पिकनिक मनाने आए कांग्रेसी : कटारिया

कटारिया ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं के महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर नहीं जाने को लेकर तीखा हमला किया है. कटारिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने मेवाड़ में होकर नव संकल्प शिविर के दौरान यहां के वीर महाराणा प्रताप को नजरअंदाज करने का काम किया.वहीं उन्होंने आगे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चिंतन शिविर के बाद लैपर्ड सफारी देखने पर भी कटाक्ष किया. कटारिया ने कहा कि कांग्रेस के नेता शेर और चीता देखने के लिए गए लेकिन इनके नेताओं को न तो मेवाड़ की हल्दीघाटी देखने की जरूरत थी और न ही कुंभलगढ़ जाने की फुरसत मिली.कटारिया ने कहा कि राहुल गांधी अगर ट्रेन से बाहर निकल कर भी महाराणा प्रताप को पुष्प अर्पित करते तो यहां के लोगों को सम्मानित महसूस होता. कटारिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को मेवाड़ के इस अपमान का जवाब मेवाड़ की जनता ही देगी.

गहलोत ने किया आलाकमान को खुश : कटारिया

कटारिया ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री गहलोत ने ने इन सब को बुला कर सबकुछ ठीक होने का परिचय दिया लेकिन राजस्थान की दुर्दशा के दर्शन गहलोत ने नहीं करवाए. गहलोत को आलाकमान को यहां के सच हालात दिखाने चाहिए थे. इसके साथ ही कटारिया ने आरोप लगाया कि नव संकल्प शिविर में कांग्रेस नेताओं की गाड़ियां गर्म ना हो जाए इसके लिए सरकारी फायर ब्रिगेड से पानी की बौछार भी करवाई गई.

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