Saturday, October 1, 2022

CM नीतीश के ब्रह्मास्त्र को PM मोदी ने झाड़-पोछकर किया UP चुनाव में यूज, हो गई योगी की बल्ले-बल्ले

यूपी के चुनावी रण (UP Chunav Results 2022) में सत्ताधारी बीजेपी के शानदार प्रदर्शन ने विरोधियों को चारों खाने चित्त कर दिया। प्रचंड जीत के साथ योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि, चुनाव से पहले बीजेपी के लिए ये राह इतनी आसान नजर नहीं आ रही थी। बावजूद इसके जिस तरह से पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया उसके पीछे कई फैक्टर माने जा रहे। इसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) का खास ‘ब्रह्मास्त्र’ भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल पीएम मोदी (Narendra Modi) ने यूपी चुनाव में बेहद सफाई के साथ झाड़-पोछकर किया। इसका असर चुनाव नतीजों में भी नजर आया और सीएम योगी की बल्ले-बल्ले हो गई। आखिर क्या है वो फैक्टर बताते हैं आगे।

यूपी में महिला वोटर्स बनीं निर्णायक
हम बात कर रहे हैं आधी आबादी यानी महिला वोटर्स की, जिन्होंने यूपी चुनाव में बीजेपी को जमकर समर्थन किया। अब तक ये ट्रेंड ज्यादातर पश्चिम बंगाल या फिर बिहार में ही देखने को मिला था, जहां महिलाओं ने पुरुष मतदाताओं से आगे रहकर वोटिंग की और जीत-हार में निर्णायक भूमिका अदा की। इस बार यूपी चुनाव में भी यही ट्रेंड नजर आया। पोलिंग बूथ पर महिलाओं की अच्छी-खासी तादाद दिखी। कई फेज में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में करीब 10 से 12 फीसदी ज्यादा मतदान किया। जिसका असर नतीजों में दिखा…कहीं न कहीं बीजेपी की जीत में ये अहम साबित हुआ।

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कैसे नीतीश के लिए महिला वोटर्स रही हैं ‘ब्रह्मास्त्र’
बात करें बिहार की तो चाहे 2010 के चुनाव हों या फिर 2015 के, सीएम नीतीश ने महिला वोटर्स को फोकस करते हुए कई योजनाएं शुरू की थी। स्कूली छात्राओं को साइकिल वितरण जैसे कदम उठाए, जिसका उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिला। 2010 के चुनाव में 51.1 फीसदी पुरुषों ने जबकि 54.5 फीसदी महिलाओं ने वोट किया था। चुनाव आंकड़ों पर नजर डालें तो महिला मतदाताओं की जोरदार वोटिंग का असर नतीजों में दिखा। कहीं न कहीं नीतीश कुमार को बंपर समर्थन मिला। 2010 में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन को 39.1 फीसदी मत मिले थे। आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए को 39 फीसदी महिलाओं का वोट मिला था। 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने लालू यादव के आरजेडी से हाथ मिलाकर चुनाव लड़ा था। उस समय भी ये गठबंधन जीता था। उस चुनाव में भी गठबंधन 41.8 फीसदी मतों के साथ वो सत्ता में आए, जिसमें महिला वोटर्स का सपोर्ट बड़ी संख्या था।

महिला वोटर्स पर फोकस, नीतीश ने लिया शराबबंदी का फैसला
महिला वोटर्स के बढ़ते समर्थन को देखते हुए नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी का फैसला लिया। उन्होंने कई बार कहा कि महिलाओं की परेशानियों को सुनने के बाद ही सूबे में शराबबंदी की। इस फैसले के खिलाफ उनके साथ सत्ता में शामिल कई सहयोगी पार्टियों ने सवाल भी खड़े किए, बावजूद इसके सीएम नीतीश शराबबंदी के सपोर्ट पूरी तरह से खड़े हैं। इसकी मुख्य वजह महिलाओं का शराबबंदी को समर्थन करना ही है।

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महिला सशक्तिकरण के लिए नीतीश सरकार की योजनाएं
नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए जो योजनाएं शुरू की उसमें लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कन्या उत्थान योजना की शुरुआत की। उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि के तौर पर 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसमें छात्रा बिहार की निवासी हो और शादीशुदा नहीं हो। वहीं 12वीं पास करने वाली लड़कियों को 25 हजार और ग्रेजुएट करने वाली लड़कियों को 50 हजार रुपये देने का भी फैसला लिया गया। बालिका साइकिल योजना भी नीतीश सरकार की अहम योजनाओं में शुमार रही है।

‘साइलेंट वोटर्स’ के लिए पीएम मोदी-सीएम योगी ने बनाई रणनीति
यूपी चुनाव में भले ही बीजेपी की राह आसान नहीं मानी जा रही थी, बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर खास रणनीति बनाई। उन्होंने महिला वोटर्स पर फोकस करते हुए कई योजनाएं शुरू की। इसमें कोरोना काल के दौरान फ्री अनाज देने का फैसला लिया गया। एक दिसंबर 2021 से योगी सरकार ने राशन कार्ड होल्डर्स को अनाज के साथ, नमक, दाल और चना आदि फ्री देने का ऐलान किया। राशन दुकान पर अंत्योदय और राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अनाज के साथ खाद्य तेल भी देना शुरू कर दिया। परिवार को प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न देने का फैसला लिया गया, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। खास तौर से गरीब परिवारों ने इसे हाथों हाथ लिया। महिला वोटर्स ने इस योजना को काफी पसंद किया, वोटिंग पैटर्न में भी इसका असर नजर आया।

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नतीजों में लॉ एंड ऑर्डर का मुद्दा भी रहा अहम फैक्टर
बिहार में नीतीश कुमार की लोकप्रियता में कानून व्यवस्था के मुद्दे ने ही अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें ‘सुशासन बाबू’ कहा जाने लगा। यूपी में भी सीएम योगी ने सत्ता संभालने के बाद लॉ एंड ऑर्डर को ही फोकस किया। खासकर ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर लगाम लगी। जिसे महिलाओं के साथ-साथ हर तबके ने पसंद किया। कानून-व्यवस्था का मुद्दा बीजेपी की जीत के लिए अहम साबित हुआ। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे आयुष्मान भारत, फ्री राशन, किसान सम्मान निधि योजना, शौचालय, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजनाओं का सीधा असर भी चुनाव में दिखा। इन्हीं वजहों से महिला वोटर्स ने बीजेपी का कहीं न कहीं सपोर्ट किया और चुनाव नतीजों में ये साफ तौर से दिखाई भी दिया।

यूपी में बीजेपी की जीत के पीछे महिला वोटर्स का अहम रोल
यूपी में बीजेपी की शानदार जीत में ‘साइलेंट वोटर’ यानी महिला वोटर का रोल बेहद अहम रहा। इस बात का जिक्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नतीजों के बाद किया। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि जहां-जहां बहनों-बेटियों और माताओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा वोट किया, वहां बीजेपी को बंपर जीत मिली है। यूपी में पार्टी की इस जीत में महिलाएं सारथी हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि आधी आबादी ने आगे आकर बीजेपी के पक्ष में वोट किया। पार्टी की जीत में उनका अहम योगदान रहा। इस तरह से यूपी में इस बार पीएम मोदी और सीएम योगी के ब्रांड, फ्री राशन और लॉ एंड ऑर्डर ने बीजेपी को इतिहास रचने में काफी अहम रोल अदा किया।

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