Saturday, October 1, 2022

राजस्थान राज्यसभा चुनाव के लिये कांग्रेस व भाजपा के उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए

राजस्थान से राज्यसभा की चार सीट पर होने वाले चुनाव के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों ने मंगलवार को यहां नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं, हरियाणा से निर्दलीय राज्यसभा सदस्य व मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा की ‘एंट्री’ से चुनाव रोचक होता नजर आ रहा है, जिन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के इस कदम को ‘खेल’ बताते हुए कहा कि क्या पार्टी खरीद-फरोख्त में शामिल होना चाहती है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।

राजस्थान में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिये निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने बताया कि मंगलवार को पांच उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। चार सीट के लिए कुल छह उम्मीदवारों की ओर से नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं।

कांग्रेस की ओर से मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और रणदीप सिंह सुरजेवाला, भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। इससे पहले सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार मनोज कुमार जोशी ने नामांकन पत्र दाखिल किया था।

राजस्थान की 200 सीट वाली विधानसभा में कांग्रेस अपने 108 विधायकों के साथ दो सीट व भाजपा 71 विधायकों के साथ एक सीट आराम से जीत सकती है। दो सीट के बाद कांग्रेस के पास 26 अधिशेष व भाजपा के पास 30 अधिशेष वोट होंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 वोट चाहिए।

सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को उम्मीद है कि जैसे 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित 19 विधायकों के विद्रोह के कारण उत्पन्न हुए राजनीतिक संकट के दौरान अन्य दलों के विधायकों व निर्दलीय विधायकों ने अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था, वैसे ही इस इस बार उनके समर्थन से वह तीसरी सीट जीत जाएगी।

कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद दावा किया कि उनकी पार्टी के पास कुल 126 विधायक हैं, जिसमें पार्टी के 108 विधायक शामिल हैं।

वहीं, भाजपा नेताओं ने भी चंद्रा के दूसरी सीट जीतने का विश्वास जताते हुए निर्दलीय व अन्य पार्टी के विधायकों से मीडिया कारोबारी को वोट देने की अपील की है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के अनुसार, उन्होंने भाजपा के विचारों से साम्यता रखने वाले विधायकों, क्षेत्रीय दलों व निर्दलीय विधायकों से अपील की है कि वे पिछले 42 महीनों की राज्य की कांग्रेस पार्टी की अराजक सरकार के खिलाफ भाजपा समर्थित चंद्रा के लिए मतदान करें।

उन्होंने विश्वास जताया,’‘भाजपा के समर्थन से सुभाष चंद्रा राज्यसभा की दूसरी सीट को निश्चित रूप से अच्छे तरीके से जीतेंगे।’’

वहीं, मुख्यमंत्री गहलोत ने चंद्रा की ‘एंट्री’ को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद गहलोत ने विधानसभा भवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘‘हम तीनों सीट जीतेंगे। पता नहीं भाजपा ने यह खेल क्यों खेला है।’’

गहलोत ने कहा, ‘‘इन्होंने 15 साल पहले भी ऐसे ही किया था, लेकिन बाद में यह कहना पड़ा कि हमसे उम्मीदवार ने वादा किया था कि मेरे पास अतिरिक्त वोट है, लेकिन वो वोट नहीं जुटा पाये इसलिये हम उनका समर्थन वापस लेते है।’’

उन्होंने कहा,’‘इस बार भी सुभाष चंद्रा को खड़ा कर दिया है और इनको पता है कि पूरा वोट नहीं है इनके पास में। ये क्या हॉर्स ट्रेडिंग करेंगे यहां पर? फिर माहौल खराब करेंगे प्रदेश में।’’

वहीं, चंद्रा ने कहा कि वह राजस्थान में नए नहीं हैं और फतेहपुर शेखावाटी में उनका अब भी घर है, जहां वह आते-जाते रहते हैं।

उन्होंने कहा,’‘भाजपा के 30 विधायकों ने समर्थन दिया उसके लिए मैं आभारी हूं। साथ में बाकी सभी दलों के विधायकों से करबद्ध प्रार्थना है कि मैं आपके बीच का ही हूं, आपके राज्य का रहने वाला हूं, इसलिए मुझे समर्थन दें।’’ उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सदस्य के रूप में वह राज्य के लोगों के हितों की बात पुरजोर तरीके से उठाएंगे।

राजस्थान से राज्यसभा की चार सीट पर चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का आज आखिरी दिन था। नामांकन पत्रों की जांच एक जून को होगी। तीन जून तक नाम वापस लिये जा सकेंगे और आवश्यक होने पर मतदान 10 जून को होगा।

भाजपा के चार राज्यसभा सदस्यों ओम माथुर, के.जे अल्फोंस, रामकुमार वर्मा व हर्षवर्धन सिंह का कार्यकाल चार जुलाई को पूरा होने जा रहा है, जिसकी वजह से चुनाव हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि 200 सीट वाली राजस्थान विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 108, भाजपा के 71, निर्दलीय 13, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन, माकपा व भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो विधायक हैं। राज्य से राज्यसभा की कुल 10 सीट है।

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