Saturday, October 1, 2022

जयपुर में तेजी से तैयार हो रहा है सबसे बड़ा कोचिंग हब, जाने क्या है पूरी ख़बर

राजस्थान के 40 हजार विद्यार्थी एक साथ अपनी प्रतियोगिता परीक्षाओं (Competitive examinations) ओं की तैयारी के लिये कोचिंग कर सकेंगे. इसके लिए राजस्थान का सबसे बड़ा कोचिंग हब (Rajasthan’s Biggest coaching hub) राजधानी जयपुर के प्रताप नगर में तैयार किया जा रहा है. हाउसिंग बोर्ड की ओर से तैयार किए जा रहे इस कोचिंग हब में पांच टावर्स के साथ ही इसका पहला चरण बनकर लगभग तैयार हो गया है. अगले दो महीनों बाद यहां ऑक्शन और आंवटन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. बोर्ड की ओर से तैयार कराया जा रहे इस कोचिंग हब टावर में 500 वर्गफीट से 6200 वर्ग फीट के स्पेस डिजाइन के टावर्स का निर्माण किया जायेगा. यहां 90 शोरूम भी बनकर तैयार हो गये हैं.
राजधानी जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों कोचिंग संस्थाएं बेतरतीब तरीके से स्थापित हो चुकी हैं. कई कोचिंग संस्थाओं में भवन नियमों का ख्याल नहीं रखा गया है तो कई जगहों पर द्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्पेस और सुविधाओं का अभाव हैं. ऐसे में राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है. जयपुर के प्रताप नगर के सेक्टर 16 में बन रहा कोचिंग हब का पहला चरण बनकर तैयार हो रहा है. इसमें ना सिर्फ कोचिंग संचालकों को बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी पर्याप्त सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है.
बोर्ड को 450 करोड़ रुपये आय की उम्मीद हाउसिंग बोर्ड कमीश्नर पवन अरोड़ा का कहना है कि आगामी डेढ़ महीने में कोचिंग संस्थानों को जगह आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. हाउसिंग बोर्ड के इस प्रोजेक्ट में करीब तीन सौ करोड़ रुपये का खर्च किया जाना प्रस्तावित है. इससे बोर्ड को 450 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. टावर में 500 से 6200 वर्ग फीट के स्पेस डिजाइन है. कोचिंग
संचालक अपनी सुविधा के अनुसार स्पेस को उपयोग में ले सकते हैं.

कोचिंग हब का 60 फीसदी क्षेत्र खुला रखा गया है

अरोड़ा के अनुसार कोचिंग हब का 60 फीसदी क्षेत्र खुला रखा गया है. यहां वेलनेस सेंटर, योगा और जिम समेत सेंट्रल लाइब्रेरी तथा ऑडिटोरियम तैयार किया जाएगा. आगामी चरण में यहां हॉस्टल, गेस्ट हाउस और स्टूडियो अपार्टमेंट बनाया जाना प्रस्तावित है. सात-सात मंजिला पांच टावर का निर्माण पूरा हो गया है. दूसरे चरण में अब तीन टावर और बनाए जाएंगे. यहां अब भीतरी सड़कों साथ ही फिनिशिंग और सौंदसौंर्यीकरण के काम होंगे. इसी के साथ ही बेसमेंट में पार्किंग के लिए जगह आरक्षित की गई है. आवंटन में शर्तें होनी चाहिए ताकि सभी को इसका लाभ मिले राजधानी के कोचिंग संचालकों का कहना है कि वे इस कोचिंग हब को लेकर उत्साहित हैं. लेकिन इसके आवंटन में शर्तें होनी चाहिए ताकि बरसों से कोचिंग चला रहे संचालकों को भी इसका लाभ मिल सकें. उनका कहना है कि एक ही कोचिंग हब बनाने से समाधान नहीं हो सकता हैं. राजधानी में आज एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से कोचिंग की पढ़ाई के लिए आते हैं. ऐसे में इस तरह के और भी कोचिंग हब की जरूरत राजधानी के एक दूसरे छोर पर होगी. इससे विद्यार्थयों का दबाव भी एक ही स्थान पर नहीं पड़ेगा. read more- http://उदयपुर : बीमार बहन के लिए घोड़े ने एम्बुलेंस के पीछे पीछे लगायी दौड ,पंहुचा अस्पातल ; वीडियो देख रह जाएंगे दंग

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