Wednesday, September 28, 2022

जानिए – राजस्थान में कोरोना का नये वैरिएंट से कितना खतरा जून में चौथी लहर की आशंका

देश में ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट XE ने कोरोना को लेकर फिर डर बढ़ा रहा है। इसको लेकर पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 5 राज्यों अलर्ट भी जारी किया है। केंद्र सरकार ने यह चेतावनी केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और मिजोरम के लिए जारी की है।

गुजरात और महाराष्ट्र में इस नए सब वैरिएंट के केस भी मिल चुके हैं। कोरोना का यह सब वैरिएंट कितना खतरनाक है और राजस्थान में इसका कितना असर हो सकता है, मेडिकल हेल्थ सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स ने बताया। आइये, जानते है…।

SMS मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्रिंसिपल और राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) के वाइस चांसलर डॉ. सुधीर भंडारी की मानें तो हमारी कंट्री वेस्टर्न और बाकी दूसरी कंट्री से बिल्कुल अलग है। यहां ऑलमोस्ट 96% जनता का वैक्सीनेशन हो चुका है। सीनियर सिटीजन या दूसरी बीमारी से पीड़ित मरीजों को बूस्टर डोज लग चुका है। सरकार जल्द ही दूसरी बूस्टर डोज को लेकर नई गाइडलाइन भी जारी कर सकती है।

उन्होंने बताया कि जब 18 साल से छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन भी शुरू नहीं हुआ था तो राजस्थान में हुए एक सर्वे में 90 फीसदी बच्चों में नेचुरल एंटीबॉडी पाई गई थी। ये सर्वे पिछले साल नवंबर-दिसंबर में हुआ था। इसके चलते हमारे यहां ग्रुप ऑफ केसेज यानी नई लहर आने की आशंका बहुत ही कम है।

अभी तक नहीं मिला XE वैरिएंट का एक भी केस
SMS मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि राजस्थान में अभी XE वैरिएंट कोई केस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तरह से वैक्सीनेशन हुआ है। उससे अब आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा सुरक्षित हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगर नए वैरिएंट का केस मिलता भी है तो उसके लक्षण बेहद सामान्य खांसी-जुकाम जैसे होंगे, क्योंकि लोगों में वैक्सीन और नेचुरल तरीके से इम्युनिटी डेवलप हो चुकी है।

70% तक घट गए कोरोना के नए केस
राजस्थान में कोरोना केस अब बहुत कम हो गए हैं। अप्रैल के शुरुआती 12 दिन की रिपोर्ट देखें तो पूरे राज्य में हर दिन औसतन 11 केस आ रहे है, जबकि डेथ के मामला एक भी नहीं है। पिछले 2 सप्ताह की स्थिति देखें तो राज्य में केस 70 फीसदी तक कम हो गए हैं। 23 से 29 मार्च तक कुल 249 केस आए थे। लेकिन पिछले सप्ताह (6 से 12 अप्रैल) में यह संख्या कम होकर 74 पर पहुंच गई है।

चौथी लहर के अक्टूबर तक चलने की आशंका
कोरोना की चौथी लहर आने को लेकर IIT कानपुर ने फरवरी में एक रिसर्च पेपर पब्लिश किया था। इसमें देश में जून से चौथी लहर शुरू होकर और अक्टूबर तक चलने का अंदेशा जताया था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले IIT कानपुर ने देश में तीसरी लहर को लेकर जो अनुमान जारी किया था, वह सही साबित हुआ था।

क्या है नया XE वैरिएंट
पिछले साल नवंबर में कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन की पहचान हुई थी। इसी वैरिएंट के कुछ सब वैरिएंट है, जो BA.1, BA.2 और BA.3 के नाम से हैं। XE वैरिएंट ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.1 और BA.2 के कॉम्बिनेशन से बना है, यानी ये हाइब्रिड वैरिएंट है। विशेषज्ञों की माने तो वायरस में लगातार हो रहे म्यूटेशन (परिवर्तन) की वजह से ऐसा होता है।

डॉ. सुधीर भंडारी की माने तो कोरोना के अब तक 600 वैरिएंट आ चुके हैं, लेकिन 2 या 3 ही वैरिएंट ऐसे रहे, जिनसे लोग सबसे ज्यादा बीमार और प्रभावित हुए। WHO ने XE को नए वैरिएंट के बजाय ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट कैटेगरी में रखा है। जानकारों के मुताबिक, फिलहाल भारत को XE वैरिएंट से ज्यादा खतरा नहीं है, क्योंकि ये ओमिक्रॉन से जुड़ा सब-वैरिएंट है, जिसकी लहर हाल ही में देश से गुजरी है। ओमिक्रॉन से देश में करीब 60% लोग संक्रमित हुए थे।

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