Monday, September 26, 2022

राजस्थान में पशुओं के लिए चारे का संकट, मप्र.और यूपी ने आपूर्ति रोकी

भीषण गर्मी के बीच राजस्थान में पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रदेश में पंजीकृत और गैर पंजिकृत गौशालाओं में रखे गए पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकारों ने राजस्थान में चारे की आपूर्ति रोक दी है। मध्यप्रदेश सरकार ने तो राजस्थान सीमा पर बाकायदा पुलिस तैनात कर दी है। मध्यप्रदेश में राजगढ़ और बैतूल के जिला कलक्टरों ने तो बाकायदा आदेश जारी कर रोक लगाई है।

राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया और गौपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया का आरोप है कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकारों के नकारात्मक रूख के कारण प्रदेश के पशुओं के लिए आने वाले समय में चारे का ज्यादा संकट पैदा हो सकता है। इस बार राजस्थान में फसल कम होने से चारे में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि हमेशा पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से प्रदेश के गौशाला संचालक और किसान चारा मंगवाते थे। लेकिन इस बार पंजाब में चारा माफिया सक्रिय हो गया। पंजाब में किसानों से चारा खरीदकर स्टाक किया जा रहा है। आगामी समय में माफिया महंगे दामों में बेचेंगे। अन्य दोनों राज्य भी आपूर्ति नहीं होने दे रहे हैं। राजस्थान में गौपालन विभाग के निदेशक लालसिंह ने माना कि चारे का संकट और कीमत दोनों बढ़ रही है।

चारे के भाव बढ़े

राजस्थान गौशाला समिति के अध्यक्ष अतुल गुप्ता का कहना है कि चारे के संकट का एक कारण यह है कि बार स्थानीय किसानों ने गेंहू के स्थान पर सरसों और जीरे जैसे फसलें अधिक की है। इस कारण चारे की पैदावार प्रदेश में एक तिहाई कम हुई है। गेंहू की फसल से चारा मिलता है। इस कारण चारे का संकट पैदा हुआ है। प्रदेश में चारे की कीमत पिछले साल की तुलना में दुगुनी हुई है।

जयपुर स्थित पिंजरापोल गौशाला में तीन हजार से ज्यादा गायें हैं। लेकिन यहां चारा मात्र चार से पांच दिन का बचा है। प्रबन्धन चारे की व्यवस्था करने में जुटा है। दौसा में गौशाला संचालक रतन लाल का कहना है कि चारे की उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश से चारा नहीं आने के कारण प्रदेश में चारे की कीमत में 12 से 15 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। पिछले साल तक 6 रुपए किलो की दर से चारा मिलता था। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश ने बेसहरा गायों के प्रबन्धन के लिए चारे की बढ़ती जरुरत को देखते हुए अन्य राज्यों में चारे की आपूर्ति रोकी है।  

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