Sunday, September 25, 2022

कोटा में अवैध मकानों और भूखंडों पर चला बुलडोजर, 250 बीघा जमीन मुक्त हुई

शहरी सीमा के नजदीक क्रेशर और बरडा क्षेत्र में अवैध निर्माण होने और फिर वन विभाग के अतिक्रमण निरोधक दस्ते के द्वारा कार्रवाई करने की प्रक्रिया बदस्तूर जारी है। पिछले कई सालों से अवैध निर्माण होने और उन्हें बाद में ढहाने की कार्रवाई को कोटा शहर लंबे समय से देखता आ रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि क्रेशर और बरडा वन भूमि अवैध निर्माण करने और फिर तोड़फोड़ की जगह बन गई है। यह वन भूमि वनकर्मियों के लिए अतिक्रमण तोड़ने वाला ट्रेनिंग स्थल बन गया। कुछ समय पहले फिर से क्रेशर और बरडा क्षेत्र में भूमाफियाओं ने जरूरतमंद लोगों से पैसे लेकर उन्हें वन भूमि पर बसाया। वन विभाग को जब लगा कि लोग बस गए हैं, तो दल-बल समेत जाकर उन्हें हटाया। वन विभाग के रिकाॅर्ड में यह एक्शन पिछली अब तक हुई कार्रवाई की तरह दर्ज कर दिया गया है।

30 मकान और 100 से ज्यादा भूखंड को जेसीबी मशीन से तोड़ा
बुधवार को कोटा वन मंडल की लाडपुरा रेंज के वन अधिकारी और वनकर्मियों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। चारदीवारी करके कब्जे में किए गए लोगों के घर और भूखंड तोड़फोड़ दिए गए। ऐसा करके वन विभाग के दस्ते ने 250 बीघा वन भूमि मुक्त करा दी है। सैकड़ों बीघा वन भूमि पर बड़ी आबादी क्रेशर और बरडा बस्ती में बस चुकी है। वन विभाग की जो वन भूमि बची है, उसे सिटी फाॅरेस्ट के रूप में काम लेने की बात कह रहा है। बुधवार को जो कार्रवाई की गई, उसमें 30 मकान, 100 ज्यादा भूखंडों को जेसीबी मशीन से तोड़ दिए गए। छह घंटे तक वन विभाग ने पुलिस की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। एसीएफ सुबोध राजपूत ने बताया कि कोटा वन मंडल के डीसीएफ रवि मीणा और प्रशिक्षु मनीष चौधरी के निर्देशन में की गई। साथ कोटा वन मंडल की लाडपुरा, सुल्तानपुर, इटावा, कनवास, मोडक आदि रेंज का स्टाफ भी इस कार्रवाई में शामिल रहा।

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