Saturday, October 1, 2022

ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोप के बाद राजस्थान पहुंची मंकीपॉक्स की दहशत, निर्देश जारी; जानें लक्षण

दुनिया अभी कोरोना महामारी के दंश से पूरी तरह उबरी नहीं थी कि मंकीपॉक्स नाम की एक नई मुसीबत दस्तक दे रही है. मंकीपॉक्स को लेकर अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में हड़कंप मच गया है. अब इसका खतरा भारत में भी बढ़ता जा रहा है. इसी को लेकर यहां प्रशासन पहले ही अलर्ट हो चुका है. राजस्थान में मंकीपॉक्स को लेकर पहले ही बचाव के तरीके अपनाए जा रहे हैं. भारत में भी एहतियातन सभी राज्यों को एडवायजरी जारी की गई है. जिसके बाद राजस्थान में संदिग्ध मरीजों को आइसोलेट करने के साथ ही सैम्पल लेने के भी निर्देश दिए गए हैं.

दुनिया के अलग अलग देशों में मंकी पॉक्स के मामले सामने आने के बाद राजस्थान अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएमएचओ को एहतियातन संदिग्ध मरीजों को आइसोलेट करने के निर्देश दिए हैं. दुनिया के कुछ देशों में मंकीपॉक्स के मरीज आईडेंटीफाइ किए गए हैं. जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके, यूएसए और यूरोप शामिल हैं. यह जीवों से फैलने वाली बीमारी है, जो सबसे पहले बंदरों में पाई गई थी. इसका वायरस चूहा प्रजाति में भी पाया गया था. मंकी पॉक्स के लक्षण भी स्मॉल पॉक्स से मिलते-जुलते ही हैं. हालांकि इस बीमारी को खतरनाक नहीं माना जाता है, लेकिन इस बीमारी में मरीजों को बुखार, शरीर पर चकत्ते और लिंफ नोड्स में सूजन जैसी शिकायतें सामने आती हैं. हालांकी बाद की स्टेज में कई तरह की मेडिकल कॉम्प्लिकेशन्स भी हो सकती हैं. चिकित्सकों के अनुसार 2 से 4 सप्ताह में शरीर से इसके सभी लक्षण चले जाते हैं. लेकिन कुछ केस सीवियर भी हो सकते हैं.

जानें क्या हैं लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी जीवों से इंसानों और इंसानों से इंसानों में फैल सकती है. इसका वायरस- त्वचा में चोट या कट श्वसन तंत्र, म्यूकस मेंब्रेन के जरिए भी शरीर में प्रवेश कर सकता है. इसके क्लीनिकल लक्षण भी स्मॉल पॉक्स जैसे ही हैं. जो आधिकारिक तौर पर 1980 में ही दुनियाभर से खत्म हो चुकी है. 20 मई तक यूके, यूएसए, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में इसके मरीज पाए गए हैं. इस बीमारी से अब तक किसी की मौत रिपोर्ट नहीं की गई है. वहीं अभी तक भारत में भी इस बीमारी का एक भी मरीज नहीं मिला है. चिकित्सकों के अनुसार आमतौर पर इस बीमारी का इन्क्यूबेशन पीरियड 7 से 14 दिन का है. लेकिन कुछ मामलों में यह 5 से 21 दिन का भी पाया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों के सैम्पल एनआईवी पुणे जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं.

पुणे सैंपल भेजने के दिए निर्देश
बता दें कि बीते सालों में कोरोना के कहर को सभी ने देखा है. इस बीच मंकी पॉक्स की दस्तक ने दुनिया को चौकन्ना कर दिया है. कोरोना के बाद मंकीपॉक्स नया सिरदर्द ना बने इसके लिए सभी ऐहतियात बरते जा रहे हैं. मंकीपॉक्स को लेकर राजस्थान सरकार अलर्ट हो गई है. इसको लेकर सरकार ने सभी सीएमएचओ को संदिग्ध मरीजों को आईसोलेट करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. साथ ही सैम्पलों को जांच के पुणे भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं.

कोरोना के बाद अब दुनिया में मंकी पॉक्स को लेकर दहशत फैलती जा रही है. कई देशों में मंकीपॉक्स के मामले आने के बाद अब दुनियाभर के देश अलर्ट मोड पर आ गए हैं. भारत में भी एहतियातन सभी राज्यों को एडवायजरी जारी की गई है. जिसके बाद राजस्थान में संदिग्ध मरीजों को आइसोलेट करने के साथ ही सैम्पल लेने के भी निर्देश दिए गए हैं.

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