Monday, September 26, 2022

गहलोत के मंत्री ने पायलट के युवा कार्ड को किया खारिज,राजनीति में उम्र की जगह नहीं:बोले- मेरी सोच अलग, जिसमें दम होगा वो धरती फाड़ कर आ जाएगा

राजस्थान में गहलोत और पायलट गुट के बीच तनातनी जारी है। गहलोत के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने पायलट के युवा कार्ड को खारिज कर दिया है। सचिन पायलट ने चिंतन शिविर में युवा कार्ड पर दांव लगाया था।

उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में पार्टी में बड़े बदलाव को लेकर सिफारिशों पर लगी मुहर का विरोध भी शुरू हो गया है। राजस्थान की गहलोत सरकार में खाद्य व आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा राजनीति में उम्र की जगह नहीं है। युवाओं को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। सोनिया गांधी ने कहा था कि पार्टी ने कांग्रेस के नेताओं को बहुत कुछ दिया है, अब उन्हें पार्टी के लिए सोचना होगा। संगठन के लिए काम करना होगा। इस पर खाचरियावास ने कहा राजनीति में मेरी सोच अलग है। युवा लोगों को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि हम ही फिट हैं या हम ही अच्छा काम कर सकते हैं। सीनियरिटी, एक्सपीरियंस और उम्र भी बहुत कुछ सिखाती है। इस देश में प्रधानमंत्री की कितनी उम्र है आप और हम जानते हैं। उम्र की बात करना अपनी कमजोरी को छिपाना है।

खाचरियावास ने कहा राजनीति एक खुला मैदान है। कांग्रेस हो या बीजेपी, जो डिजर्व करेगा वो आएगा। जिसमें दम होगा वो धरती फाड़ कर आ जाएगा। दीवार तोड़कर आ जाएगा। आज अगर कांग्रेस या बीजेपी में कोई पावरफुल लीडर है। उसे इसलिए रोक दोगे कि वह किसी राजनीतिक परिवार से आता है तो कल दिक्कत खड़ी हो जाएगी। राजनीति में डिजर्वनेस और फिटनेस दो बातें महत्वपूर्ण हैं। जो पब्लिक में पॉपुलर हो। जिसे लोग पसंद करते हों। जो जनता के बीच खड़े होकर खून पसीना बहा सकता हो। काम कर सकता हो। उसको आगे आना चाहिए। जब पार्टियां जनता की पसंद को समझेंगी। उम्र को महत्व नहीं देकर ये महसूस करेंगी कि जनता में इस नेता की आवाज है। तो रिजल्ट मिलेगा। वरना हम जनता की आवाज नहीं समझेंगे तो रिजल्ट नहीं दे पाएंगे।

उल्लेखनीय है कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास गहलोत समर्थक मंत्री माने जाते हैं। जब सचिन पायलट राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हुआ करते उस दौरान खाचरियावास जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हुआ करते थे। बाद में दोनों नेताओं के संबंधों में खटास आ गई। खाचरियावास ने पायलट की बगावत का खुला विरोध किया। सीएम गहलोत के समर्थन में आ गए। तभी से खाचरियावास पायलट गुट पर निशाना साधते रहे हैं।

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