Wednesday, September 28, 2022

IAS Nirish Rajput: गरीब पिता का बेटा, अखबार बेचा, नोट्स उधार लेकर तैयारी की…पढ़ें IAS निरीश की कहानी

इंसान अगर ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं. कुछ जुनूनी लोग होते हैं जो कठिन से कठिन परिस्थितियों को महज़ एक बहाना साबित कर कामयाबी हासिल कर लेते हैं. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा (UPSC Civil Services Exams) में हर साल देश के कई युवा अपना भाग्य आजमाते हैं. इनमें हर किसी ने जीवन के अलग अलग रंग देखे होते हैं लेकिन इनमें कामयाबी उन्हीं को मिलती है जो अपनी परेशानियों का बहाना बनाने की बजाए मेहनत करते हैं. ऐसे ही चंद जुनूनी लोगों में एक नाम आता है मध्य प्रदेश के रहने वाले IAS निरीश राजपूत का.

चलिए आज जानते हैं निरीश राजपूत की कहानी, जिन्होंने गरीबी और तंगी से लड़कर कामयाबी हासिल की और IAS अफ़सर बन गए.

बेहद गरीब परिवार से आते हैं: निरीश राजपूत (IAS Nirish Rajput) मूलरूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। बेहद गरीब परिवार से आने वाले निरीश के पिता विरेंद्र राजपूत पेशे से एक टेलर हैं और उनके दोनों बड़े भाई टीचर हैं। निरीश को आईएएस बनाने के लिए दोनों भाइयों और पिता ने अपनी पूरी कमाई लगा दी। निरीश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें तैयारी करने से पहले इसके बारे में कुछ खास नहीं पता था। लेकिन ये जरूर पता था कि आईएएस बनकर जिंदगी बदल जाती है।

एक एक इंटरव्यू के दौरान निरीश ने ये बताया था कि यूपीएससी की तैयारी करने से पहले उन्हें इसके बारे में इतनी ही जानकारी थी कि आईएएस बनने के बाद उनकी जिंदगी बदल सकती है.

दोस्त ने दिया धोखा
निरीश ने कभी भी घर के खराब हालातों का असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. उन्होंने बीएससी और एमएससी दोनों में टॉप किया था. पढ़ाई में अच्छे होने के कारण निरीश के एक दोस्त ने उन्हें अपनी नई कोचिंग में यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों को पढ़ाने का काम दिया. उनके दोस्त ने उनसे वादा किया कि वह इसके बदले उन्हें स्टडी मैटेरियल देंगे. निरीश ने अपने जीवन के 2 साल अपने दोस्त की संस्था को दिए, अपनी मेहनत से इसे तरक्की की राह पर आगे बढ़ाया लेकिन बदले में उन्हें अपने दोस्त से धोखा मिला. कामयाब होने के बाद उनके दोस्त ने उन्हें वहां से निकाल दिया.

अखबार बेचना शुरू किया: जब निरीश के पास अपनी फीस भरने के पैसे नहीं थे तो उन्होंने अखबार बेचने का फैसला किया। घर-घर अखबार बांटकर निरीश ने अपनी फीस के पैसे जुटाए, लेकिन हार नहीं मानी।

आहत होकर चले आए दिल्ली: दोस्त ने जब धोखा दिया तो इस घटना से निरीश बेहद आहत हो गए थे। इसके बाद वह दो साल तक कुछ भी नहीं कर पाए। उन्होंने इस धोखे से सबक लिया और दिल्ली चले आए। वहां उन्होंने यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) की तैयारी कर रहे अपने एक साथी से नोट्स उधार लिए।

तैयारी के दौरान प्रतिदिन करीब 18 घंटे पढ़ाई करने वाले निरीश पहले तीन प्रयासों में असफल रहे लेकिन वह मेहनत करते रहे. अंत में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने बिना कोचिंग के यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 370वां रैंक प्राप्त किया.

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