Monday, September 26, 2022

जैसलमेर में कलेक्टर ने किया मामे खान का सम्मान, गर्व के पल बताते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा- जिले में संगीत स्कूल खोलने की होगी पहल

लोक कलाकार और बॉलीवुड सिंगर मामे खान का कान्स फिल्म फेस्टिवल से लौटने के बाद जगह जगह सम्मान हो रहा है। जिला कलेक्टर डॉ प्रतिभा सिंह ने भी मामे खान को अपने निवास पर बुलाकर उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने मामे खान की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ये जैसलमेर और हम सबके लिए गर्व के पल हैं। उन्होंने मामे खान को कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर चलने की बधाई दी। कलेक्टर आवास पर आयोजित हुए इस सादे समारोह में राज्य महिला आयोग सदस्य अंजना मेघवाल, समाजसेवी मयंक भाटिया और पार्षद निर्मल पुरोहित समेत कई लोक कलाकार भी मौजूद रहे। जिला कलेक्टर डॉ प्रतिभा सिंह ने इस मौके पर मामे खान का सम्मान किया तथा उनका मुंह मीठा करवाकर उनको बधाई दी। इस दौरान लोक कलाकारों की मांग पर जिले में संगीत स्कूल खोलने को लेकर भी जिला कलेक्टर ने प्रयास करने की बात कही।

पर्यटन की पहचान है लोक कलाकार

इस मौके पर समाज सेवी मयंक भाटिया ने लोक कला और लोक कलाकारों के बारे में बात करते हुए कहा कि जैसलमेर का पर्यटन इनकी ही बदौलत पहचान में है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर की हर होटल और रिसोर्ट इनकी स्वर लहरियों के बिना अधूरे हैं। लोग सात समंदर पार से इनको सुनने के लिए आते हैं। ये लोग सदियों से इस लोक गायकी की परंपरा को जिन्दा रखकर बैठे हैं। पर्यटन में भी इनका बहुत बड़ा योगदान है। ऐसे में मामे खान जैसे कलाकार कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर चलते हैं तो जैसलमेर का मान बढ़ाते हैं। उन्होंने दिल से मामे खान को बधाई दी।

संगीत स्कूल के लिए होंगे प्रयास

इस मौके पर सभी लोक कलाकारों ने कलाकारों के बच्चों के लिए जिले में एक संगीत स्कूल की मांग की। इस मांग को लेकर जिला कलेक्टर ने सबको भरोसा दिलाया कि वो सौ फीसदी इस पर काम करेगी और बहुत जल्द स्कूल खोलने को लेकर अपने प्रयास करेगी।

रेड कार्पेट पर चलने वाले भारत के पहले लोक कलाकार बने मामे खान

मामे खान ने इस अवसर पर सबका धन्यवाद देते हुए सबका आभार व्यक्त किया तथा जिला कलेक्टर को लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए प्रयास करने का कहा। मामे खान ने कहा कि वे अकेले रेड कार्पेट पर नहीं चले थे बल्कि उनको लग रहा था कि पूरा जैसलमेर ही रेड कार्पेट पर उनके साथ चल रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सबकी दुआ और आशीर्वाद का असर बताया। गौरतलब है कि मामे खान मूल रूप से जैसलमेर के सत्तो गांव के निवासी हैं। जहां आज भी उनके परिवार के लोग गायन परंपरा से जुड़े हैं। हाल ही में कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय हस्तियों के साथ वे रेड कार्पेट पर चले। ऐसा करने वाले वे भारत के पहले लोक कलाकार हैं।

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