Saturday, October 1, 2022

राजस्थान के विधायक बलजीत यादव की धमकी, “4 से 6 घंटे नहीं काटी बिजली तो…..”  विधायक की धमकी सुन नाराज हुए उद्योगपति, दी यह बड़ी चेतावनी

राजस्थान का शांत और सहयोगी औद्योगिक रवैया निवेशकों को पसंद आता है, लेकिन पॉवर कट की आड़ में बहरोड़ विधायक बलजीत यादव की दी गई धमकी ने करंट का काम किया है. विधायक ने प्रेस वार्ता कर कहा कि पॉवर क्राइसिस में उद्योग या तो बिजली उपयोग 50 फीसदी करें, वरना वह और उनके समर्थक बहरोड़-नीमराणा के उद्योगों का परमानेंट कनेक्शन कट कर देंगे. इस बयान का औद्योगिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज करवाया है. यूकोरी का कहना है कि विधायक के ऐसे बयान राजस्थान में निवेश का माहौल खराब करेंगे. 

प्रदेश के उद्योग पॉवर क्राइसिस में पहले से सहयोग कर रहे है. विधायक बलजीत यादव ने कहा कि एक्सईएन को बोला है कि सभी उद्योगों को फोन कर दें. आज से फिफ्टी परसेंट बिजली लोढ स्ट्रिक्टली कम कर दें, किसी ने नहीं किया तो मैं स्वयं चैक करूंगा, अगर नहीं किया तो उसकी परमानेंट बिजली काट दें. अगर नहीं काटोंगे तो बलजीत यादव और उनके समर्थक हम बहरोड-नीमराणा के उद्योगों की बिजली कट कर देंगे। अगर विभाग नहीं करेगा तो जबरदस्ती हम कट कर देंगे और ग्रामीण एरिया की बिजली हम चालू कर देंगे.

विधायक बलजीत यादव के उनके और उनके समर्थकों की ओर से इंडस्ट्री के परमानेंट कनेक्शन कट करने का बयान उद्योगपतियों को नाराज कर रहा है. प्रदेश के उद्योगपतियों की सबसे बड़ी संस्था यूकोरी ने इसका जबरदस्त विरोध दर्ज करवाया है. यूकोरी के अध्यक्ष ताराचंद चौधरी का कहना है कि पॉवर क्राइसिस के समय इंडस्ट्री पूरा सहयोग राजस्थान सरकार का कर रही है. ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी के साथ बैठक भी इस संबंध में हो चुकी है. अब कोई विधायक इस तरीके इंडस्ट्रीज को धमकाने का काम करने तो बर्दाश्त से बाहर है. यह इंवेस्ट राजस्थान की थीम के बिल्कुल उलट है. एक तरफ को इंवेस्ट राजस्थान के जरिए देश विदेश के निवेशकों को लाने का प्रयास हो रहा है, दूसरी और जनप्रतिनिधि का उद्योगों पर गैर वाजिब हमला माहौल खराब कर रहा है. इससे नए निवेशक राजस्थान में निवेश से हिचकेंगे. 

प्रदेश में 7 और 8 अक्टूबर को इन्वेस्ट राजस्थान समिट-2022 का आयोजन होना है. प्रदेश भर से 1 लाख 37 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव विभाग को मिले हैं. प्रदेश में सभी जिलों से 3 हजार 700 से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. विभिन्न सेक्टर में दस लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले है. इन्हें धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है. इस बीच इस जनप्रतिनिधि की ओर से उद्योगों की जबरन बिजली काटने के बाकये ने शांत औद्योगिक वातावरण में हलचल पैदा कर दी है. 

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