Saturday, October 1, 2022

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ा, राजस्थान में अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट करायें ‘फ्री’

राजस्थान में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े प्रदेश के मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है. अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट, बोन मेरो ट्रांसप्लांट और कॉकलियर इंम्प्लांट जैसी बीमारियों के महंगे इलाज के पैकेजेज भी चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा में जोड़ दिये गए हैं. सीएम गहलोत की बजट घोषणा के अनुरूप नए पैकेजेज को लेकर योजना से जुड़े सभी अस्पतालों को गाइडलाइन जारी कर सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव भी कर दिए गए हैं. चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में नए पैकेजेज जुड़ने के बाद योजना का दायरा और ज्यादा व्यापक हो गया है. लोगों को ऐसी बीमारियों का महंगा इलाज भी निःशुल्क मिल पाएगा.

चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि योजना के पैकेजेज में कॉकलेयर इम्प्लांट के 5, बोन मेरो ट्रांसप्लांट के 9, लीवर ट्रांसप्लांट में 8 और हार्ट ट्रांसप्लांट में 7 पैकेजेज जोड़े गए हैं. योजना से जुड़े निजी अस्पताल अपने यहां इन पैकेजेज को जोड़ने के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. बजट घोषणा के अनुसार योजना के तहत अब सालाना चिकित्सा बीमा राशि को भी 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है.

पात्र लाभार्थी इस तरीके से भी उठा सकते हैं लाभ

मीणा ने बताया कि इसके साथ ही ऐसे असहाय और निराश्रित लोग जो योजना के पात्र लाभार्थी तो हैं लेकिन उनका योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है तो उनको इलाज की आवश्यकता होने पर जिला कलक्टर की अनुशंसा पर योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज मिल सकेगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर दिये गए हैं. जिला कलक्टर, संबंधित अधिकारियों और अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी कर दिये गए हैं.

1 मई से पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि योजना के तहत निःशुल्क श्रेणियों के अलावा अन्य सभी परिवार जिनकी योजना में बीमा अवधि 30 अप्रेल को समाप्त हो रही है वे सभी 1 मई से पहले 850 रुपये का आधा प्रीमियम जमा करवाकर अगले एक साल के लिये योजना में अपने परिवार का पंजीकरण करवा सकते हैं. योजना में कोई भी परिवार अपना रजिस्ट्रेशन नजदीकी ई-मित्र से अथवा स्वयं अपनी एसएसओ आईडी से करवा सकते हैं.

30 अप्रेल के बाद रजिस्ट्रेशन करवाने से अगस्त से मिलेगा लाभ

मीणा ने बताया कि 30 अप्रेल के बाद रजिस्ट्रेशन करवाने वाले परिवारों को योजना का लाभ तीन महीने बाद अगस्त माह से मिल पायेगा. योजना से अब तक 11 लाख से अधिक लोगों को 1400 करोड़ रुपये से अधिक राशि का निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया है. योजना से अब तक प्रदेश के 807 सरकारी तथा 755 निजी अस्पताल जुड़ चुके हैं.

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