रूस से जंग के बीच यूक्रेन में अपनी पढ़ाई छोड़कर भारत लौटने को मजबूर Medical students के लिए बुरी खबर है. इन छात्रों को भारत के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल सकेगा. केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री भारती पवार ने Lok Sabha में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि ‘नेशनल मेडिकल कमीशन( NMC)ने इसकी अनुमति नहीं दी है’.इसीलिए एनएमसी की मंजूरी के बिना Ukraine से लौटे इन मेडिकल स्टूडेंट्स को न तो किसी भारतीय मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर मिल सकेगा, न ही इन्हें एकोमोडेट किया जा सकेगा.

विदेश से लौटे Medical students को भारत के मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसफर करना , IMC और NMC Act में ऐसा कोई प्रावधान नहीं

केंद्रीय राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने लोकसभा में बताया कि इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 और नेशनल मेडिकल कामीशन एक्ट 2019 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत विदेश से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को भारत के मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसफर किया जा सके. इसलिए अपने Medical Colleges में इन स्टूडेंट्स को जगह देने के राज्यों के फैसले को एनएमसी ने मंजूरी नहीं दी है.
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