Saturday, October 1, 2022

मंत्री अशोक चांदना ने ट्विटर पर फोड़ा बम, सीएम गहलोत बोले- काम का बहुत दबाव है, टिप्पणी को गंभीरता से नहीं लें

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों की नाराजगी का एक और मामला गुरूवार को तब सामने आया जब खेलमंत्री अशोक चांदना ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय के आला अधिकारी के प्रति अपनी नाराजगी जताई।

उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उन्हें मंत्री पद से मुक्त करने तक का आग्रह कर दिया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि खेल मंत्री अशोक चांदना की उन्हें मंत्री पद से मुक्त करने की टिप्पणी को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि मंत्री ने किसी प्रकार के तनाव के चलते ऐसी बात कह दी हो।

उल्लेखनीय है कि चांदना ने गुरूवार रात मुख्यमंत्री गहलोत को संबोधित करते हुए ट्वीट किया था “माननीय मुख्यमंत्री जी, मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है कि मुझे इस जलालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री हैं।” रांका मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं।इस बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने राज्य में प्रस्तावित ग्रामीण ओलंपिक का जिक्र किया। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “राज्य में ग्रामीण ओलंपिक होने हैं जिनमें 30 लाख से अधिक लोग भाग लेंगे। इतना बड़ा भार उन (चांदना) पर है। हो सकता है कि वह किसी प्रकार के तनाव में आ गए हों और टिप्पणी कर दी। “

गहलोत ने कहा, “उसको ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मेरी उनसे बातचीत नहीं हुई है। दबाव में काम करते लग रहे हैं, इतनी बड़ी जिम्मेवारी उन पर आ गई है, देख लेंगे।’

सूचना व जनसंपर्क राज्यमंत्री चांदना का यह ट्वीट उस समय सामने आया है जब पिछले हफ्ते ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री गहलोत को भेजा है। विधायक ने डूंगरपुर जिले में उनपर हंगामा करने का मुकदमा दर्ज होने के बाद यह कदम उठाया।उल्लेखनीय है कि राज्य से राज्यसभा की चार सीटों के लिए अगले महीने चुनाव होने जा रहे हैं और इससे पहले कांग्रेस एकजुट दिखाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरूवार दिन में भी ही कहा था कि “कांग्रेस एक है और एकजुट है राज्यसभा की चार में से • तीन सीटें जीतेगी।”

वहीं मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने चांदना के ट्वीट को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने चांदना के ट्वीट को पुन: ट्वीट करते हुए लिखा, “जहाज डूब रहा है. 2023 के रुझान आने शुरू।”

पूनियां ने न्यूज एजेंसी से कहा, “यह अशोक गहलोत सरकार के ने शासन और पार्टी आलाकमान की कमजोरी का एक उदाहरण है। यह सरकार पर नौकरशाही के असर को भी दिखाता है। “

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