Wednesday, September 28, 2022

1 जुलाई से नहीं होगी सिलेंडर की होम डिलीवरी, जाने किस वजह से लिया गया फैसला

देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के साथ अन्य चीजों के बढ़ते दाम से लोग हलाकान हैं। वहीं दूसरी ओर बढ़ते दाम के साथ ही डीलरों के कमीशन में भी कटौती हुई है, जिससे वे भी परेशान हैं। यही हाल एलपीजी वितरकों का भी है, सरकार ने सिलेंडरों के बदले दिए जाने वाले कमीशन पर कैंची चला दी है, जिसके चलते उन्होंने यह फैसला लिया है कि 1 जुलाई से सिलेंडर घर तक पहुंचाकर नहीं देंगे

जम्मू में पत्रकारवार्ता से पूर्व पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के अलावा तीन केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ के एलपीजी वितरकों ने बैठक का आयोजन कर इस संदर्भ में अपनी रणनीति पर विचार किया। वहीं पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए फेडरेशन के महासचिव मनोज बी. नांगिया ने कहा कि तेल कंपनियां एलपीजी वितरकों को न्यूनतम वेतन मान, इंधन खर्च और गाड़ियों के रखरखाव के मुताबिक भी कमीशन नहीं दे रही हैं।

कंपनियों ने हमारी तीन वर्ष से कमीशन नहीं बढ़ाई है जबकि इस समय में डीजल व पेट्रोल के दामों में 35 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है जबकि महंगाई भी काफी ऊपर पहुंच चुकी है। उनका कहना था कि नियमों अनुसार हर वर्ष कमीशन में बढ़ोतरी की जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। उनका कहना था कि इस महंगाई में इतनी कम कमीशन में उनके लिए डीलरशिप को चलाना महंगा हो रहा है। उन्हें अपनी डीलरशिप में काम कर रहे कर्मियों के वेतन, गाड़ियों का खर्चा, गोदाम का किराया, डीलरशिप कार्यालय का किराया, बिजली पानी का खर्च आदि निकालना पड़ता है जो काफी नहीं पड़ रहा।

एलपीजी वितरकों ने पहाड़ी एवं अन्य दुर्गम इलाकों में होम डिलीवरी के लिए अतिरिक्त दाम तय करने की मांग करते हुए कहा कि इन इलाकों में श्रम और इंधन का खर्च बढ़ जाता है जिससे उनको मिलने वाली कमीशन पूरी नहीं पढ़ रही। फेडरेशन के महासचिव मनोज बी. नांगिया ने कहा कि एलपीजी वितरकों ने कोविड के बीच बेहतर काम किया है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर सप्लाई को जारी रखा जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सराहना की लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है। Read also- भाषण के दौरान रो पड़े AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी, जाने क्या है पूरा मामला

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