Wednesday, September 28, 2022

Navjot Singh Sidhu Latest Updates: सिद्धू की सरेंडर से राहत की अर्जी सुनने से CJI ने किया इनकार, गिरफ्तारी तय

कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को 34 साल पुराने रोड रेज के मामले में एक साल कैद की सजा सुनाई गई है.

ऐसी खबरें हैं कि वह थोड़ी देर में पटियाला पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं. उनके वकील राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. नवजोत सिद्धू के वकील ने जस्टिस खानवालिकर के सामने सिद्धू को सरेंडर (Sidhu Road Rage Case) करने के मामले सुनवाई की मांग की है. कोर्ट में वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सिद्धू का स्वास्थ सही नहीं है, लिहाजा उन्हें एक हफ्ते का समय दिया जाए. जस्टिस खानविलकर ने कहा इस मामले में एक एप्लिकेशन दाखिल कर चीफ जस्टिस से मामले की सुनवाई की मांग करें. हालांकि सिद्धू की सरेंडर से राहत की अर्जी को सुनने से सीजेआई ने इनकार कर दिया है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का आदेश सबसे पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पास पहुंचा था. फिर इसे पटियाला में जिला और सेशन कोर्ट को भेजा गया. कोर्ट में सिद्धू के घर का पता 26 यदविंदर कलॉनी बताया गया है. इसलिए जांच अधिकारी आदेश लेकर सिद्धू के घर पर आएंगे. जहां से उन्हें या तो पुलिस अपने साथ जाने के लिए कहेगी या फिर उन्हें सरेंडर करने का विकल्प दिया जाएगा. इस मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि अगर सिद्धू सरेंडर करने से मना कर देते हैं, तो भी पुलिस टीम उनका पीछा करना जारी रखेगी. सूत्रों के मुताबिक सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई दोपहर 12 बजे शुरू होनी है. उन्हें गिरफ्तारी के तुरंत बाद मेडिकल जांच के लिए स्थानीय अस्पताल लाया जाएगा.

पटियाला जेल का चुनाव क्यों किया?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सिद्धू अमृतसर के लिए रवाना हो गए थे. इसके बाद वह पटियाला स्थित अपने आवास पर आ गए. इससे संकेत मिलते हैं कि वह पटियाला में ही सरेंडर करेंगे. उन्होंने कोर्ट के फैसले को लेकर ट्वीट करते हुए कहा, ‘कानून की महानता के आगे नत्मस्तक हूं.’ वहीं अगर सिद्धू के पटियाला जेल का चुनाव करने की बात करें, तो ये जेल दूसरी जेलों के मुकाबले अधिक सुरक्षित और साफ सुथरी है. सिद्धू ने साल 2007 में पटियाला की सेंट्रल जेल में दो रातें बिताई थीं. वह तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद यहां रहे थे.

1998 का रोड रेज मामला क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू को साल 1988 के रोड रेज के मामले में एक साल कैद की सजा सुनाई गई है. तब 27 दिसंबर के दिन उनका पटियाला के रहने वाले गुरनाम सिंह नामक व्यक्ति के साथ पार्किंग के स्थान को लेकर झगड़ा हो गया था. सिद्धू और उनके सहयोगी रूपिंदर सिंह संद्धू ने कथित तौर पर गुरनाम सिंह को उनकी गाड़ी से बाहर निकालकर उनसे मारपीट की थी. जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

आपकी राय

क्या मायावती का यूपी चुनावों में हार के लिए मुस्लिम वोटों को जिम्मेदार ठहराना सही है?

View Results

Loading ... Loading ...

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles

Latest Posts