Saturday, October 1, 2022

अजमेर में दरगाह के खिलाफ नया मुकदमा प्रताप सेना ने कहा- दरगाह हिंदू मंदिर, कमेटी सचिव बोले- ये हर मजहब की जगह

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के बाद अजमेर शरीफ के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है। अजमेर दरगाह को महाराणा प्रताप सेना ने यहां एक हिंदू मंदिर और एक हिंदू प्रतीक होने का दावा किया है। इस पर दरगाह कमेटी ने कहा- ऐसे बयान आते रहते हैं। यह पूरे समाज की आस्था का केंद्र है।

दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखे पत्र में महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि अजमेर में हजरत ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह हमारा प्राचीन हिंदू मंदिर है। दीवारों और खिड़कियों पर स्वस्तिक और हिंदू धर्म से जुड़े अन्य प्रतीक पाए गए हैं। महाराणा प्रताप सेना ने मांग की है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण किया जाए ताकि हिंदू मंदिर के रूप में इसके अस्तित्व के पुख्ता सबूत मिल सकें। उन्होंने गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया।
अजमेर में सभी धर्म के लोग आते हैं
इस संबंध में अंजुमन सैयद जदगन समिति के सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह ने कहा कि ये बयान आज ही नहीं आए हैं बल्कि आ रहे हैं। लगता है इस तरह के बयान आते रहेंगे। लोग धर्म और धर्म के नाम पर अराजकता फैलाने के लिए ऐसा करते हैं। अजमेर ही नहीं, सभी सूफी संतों का घर भी है, जहां हर धर्म के लोग आते हैं। हम सभी को शांति के लिए सोचना चाहिए।

शहर की दरगाह पहुंचे एडीएम, पुलिस सुरक्षा बढ़ाई
दावे के बाद अजमेर दरगाह पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि अजमेर के एसपी विकास शर्मा का कहना है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज होती है और उन्होंने इसे लेकर दरगाह में जागरुकता फैलाई है. यह रूटीन है। अजमेर एडीएम सिटी भावना गर्ग ने कहा कि उन्होंने दरगाह का दौरा किया था और जायजा लिया था, लेकिन यह एक नियमित यात्रा थी।

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