Sunday, September 25, 2022

पटियाला में खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च शिवसेना कार्यकर्ताओं और खालिस्तान समर्थकों में झड़प, हुई पत्थरबाजी-लहराई गईं तलवारें

पंजाब के पटियाला में शुक्रवार को शिवसेना कार्यकर्ता और खालिस्तानी समर्थकों के बीच झड़प हो गई. इस झड़प के दौरान खुलेआम तलवारें लहराई गईं और पत्थरबाजी हुई. इसके बाद से शहर में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. 

जानकारी के मुताबिक, पटियाला में शिवसेना कार्यकर्ताओं की ओर से निकाले गए खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च के दौरान ये झड़प हुई. कई सिख संगठन और हिंदू कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए, जिसके बाद पुलिस को पूरे मामले को सुलझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस दौरान दोनों तरफ से तलवारें लहराई गईं और पथराव किया गया.

पटियाला में शिवसेना (बाल ठाकरे) के पंजाब कार्यकारी प्रधान हरिश सिंगला की देखरेख में आर्य समाज चौक से खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च शुरू हुआ. शिव सैनिक कार्यकर्ता खालिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए बढ़ रहे थे. हरीश सिंगला ने कहा कि शिवसेना कभी भी पंजाब में खालिस्तान नहीं बनने देगी और ना ही किसी खालिस्तान का नाम लेने देगी. इसी दौरान कुछ सिख संगठन भी तलवारें लहराते हुए सड़क पर आ गए और दोनों ओर से स्थिति तनावपूर्ण बन गई. बताया जा रहा है कि शिवसेना ने एक दिन पहले खालिस्तान के खिलाफ मार्च निकालने की घोषणा थी, इसलिए पुलिस पहले से ही मुस्तैद हो गई थी. पुलिस ने अनहोनी की आशंका के मद्देनजर शिवसैनिकों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी थी. जब दोनों संगठन के लोगों की झड़प शुरू हुई तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लोगों को खदेड़ दिया.

बता दें कि खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 29 अप्रैल को पंजाब के सभी सरकारी बिल्डिंगों पर खालिस्तान का झंडा फहराने की घोषणा की थी. इतना ही नहीं झंडा फहराकर वीडियो भेजने वालों एक लाख डॉलर तक का इनाम देने की भी ऐलान किया था. मालूम हो कि सरकार ने गुरपतवंत पन्नू के भारत आने पर बैन लगा रखा है. गुरपतवंत सिंह पन्नू सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख है.

क्या है सिख फॉर जस्टिस?

सिख फॉर जस्टिस खालिस्तानी संगठन है, जिसका हेडक्वार्टर अमेरिका में है. 2019 में केंद्र सरकार ने इस संगठन को गैरकानूनी करार दिया था. गुरपतवंत सिंह पन्नू अकसर भारत में खासकर पंजाब में लोगों को भड़काने की कोशिश करता रहता है. पन्नू नेताओं को धमकाने के साथ कई भड़काऊ घोषणाओं को लेकर विवादों में रह चुका है. वह पंजाब में पीएम सिक्योरिटी में चूक को लेकर और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी भड़काऊ और देश विरोधी बयान दे चुका है

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