Saturday, October 1, 2022

भरतपुर में दबंगों के डर से पलायन कर रहे दलित समुदाय के लोग, जानें पूरा मामला

राजस्थान के भरतपुर में कथित तौर पर दबंगों के डर की वजह से कुम्हेर थाना इलाके के गांव सह से मंगलवार को दलित समुदाय के करीब 100 परिवार पलायन कर गए हैं। इन परिवारों के लोगों का कहना है कि गांव में दबंगों की वजह से नहीं रह सकते इसलिए किसी सुरक्षित स्थान पर जाकर रहेंगे। दलित समुदाय की महिला बुजुर्ग और बच्चे अपने घरों से सामान लेकर गांव को छोड़कर सड़क पर पलायन करते हुए दिखाई दिए। 

क्या था मामला
दरअसल मामला कुम्हेर थाना इलाके के गांव सह का है। जहां विगत 14 अप्रैल को गांव के दलित भीमराव अंबेडकर जयंती मना रहे थे। अंबेडकर जयंती के मौके पर दलित गांव से होकर अंबेडकर रैली निकाल रहे थे, तभी गांव के लखन गुर्जर और उसके साथियों ने दलितों पर कथित तौर पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। इस दौरान अंबेडकर जयंती मनाने के लिए जो पांडाल लगा हुआ था उसमें भी आग लगा दी गई थी। इस मारपीट में कई लोग घायल हुए थे। दलितों की तरफ से कुम्हेर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। 

क्या कहना है पलायन करने वाले दलितों का
मंगलवार को अपने गांव से घरों को छोड़कर पलायन कर रहे दलितों ने कहा कि गांव में दलितों के 100 परिवार रहते हैं, जबकि गुर्जर समुदाय के करीब 300 परिवार रहते हैं। गांव में दलितों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि वे हमको ना रैली निकालने देते हैं और ना ही हमारी बारात निकालने दी जाती है। यहां तक कि कुएं और तालाबों से भी पानी नहीं भरने दिया जाता है। 14 अप्रैल के दिन रैली निकालते समय हमारी रैली रोकी गई और हमारे साथ मारपीट की गई। अब पुलिस उल्टा दलितों को ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। हम गांव में रह नहीं सकते क्योंकि दबंगों से हमें डर लग रहा है। इसलिए हम गांव को छोड़कर पलायन कर रहे हैं और किसी सुरक्षित स्थान पर रहेंगे।

गुर्जर समुदाय ने लगाए ये आरोप
हमले के आरोपी लखन सिंह गुर्जर के परिजनों ने बताया कि 14 अप्रैल को दलित समाज के लोग रैली निकाल रहे थे। लेकिन रैली निकालने के दौरान दलित समाज के लोगों ने शराब का नशा कर रखा था। उन्होंने शराब के नशे में घर के बाहर बैठी महिलाओं से गाली-गलौज शुरू कर दी थी। जब उनको ऐसा करने से मना किया तो उन्होंने और ज्यादा गाली देना शुरू कर दिया और घर पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे हमारी कई गाड़ियां टूट गईं, इसी के बाद विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि जब लखन सिंह गुर्जर पंचायत का सरपंच रहे थे तब उन्होंने दलितों के विकास के लिए खूब काम किए थे। गांव में अंबेडकर पार्क बनवाया था और अंबेडकर की मूर्ति भी लगवाई थी।

क्या है पुलिस का कहना
पुलिस ने कहा कि 14 अप्रैल को रैली निकालते समय दो समुदाय के लोगों में झगड़ा हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और करवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।

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