Saturday, October 1, 2022

राजस्थान के बोर्ड परीक्षा में पूछे गए कांग्रेस से जुड़े सवाल, भाजपा ने जताई आपत्ति

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा का राजनीतिक विज्ञान का प्रश्न पत्र बृहस्पतिवार को हुआ। इस प्रश्न पत्र में पूछे गए सवालों को लेकर विवाद हो गया है। प्रश्न पत्र में आधा दर्जन सवाल कांग्रेस और एक सवाल कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन व एक सवाल बहुजन समाज पार्टी को लेकर पूछा गया। जानकारों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि राज्य में सत्तारूढ़ दल से जुड़े इतने सवाल पूछे गए हों। एक सवाल पूछा गया कि कांग्रेस की सामाजिक और विचारधारात्मक गठबंधन के रूप में विवेचना कीजिए। दूसरा सवाल था कि 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल कितनी सीटें जीती थीं। तीसरा सवाल था कि भारत में प्रथम तीन चुनाव में किस दल का प्रभुत्व रहा। चौथा सवाल था कि कांग्रेस ने 1967 का आम चुनाव किन परिस्थितियों में लड़ा और इसका क्या जलादेश मिला, विवेचना कीजिए। पांचवां सवाल था कि 1971 का आम चुनाव कांग्रेस की पुर्न स्थापना का चुनाव साबित हुआ। इस कथन की व्याख्या कीजिए। छठा सवाल था कि गरीबी हटाओ का नारा किसने दिया था। हालांकि राजनीतिक विज्ञान के सिलेबस में एक दल के प्रभुत्व का दौर और कांग्रेस प्रणाली, चुनौतियां और पुर्नस्थापना के पाठ हैं।

भाजपा ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान में 12वीं की परीक्षा के इस प्रश्न पत्र को लेकर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने एक बयान में कहा कि 12वीं कक्षा का राजनीतिक विज्ञान का प्रश्न पत्र कांग्रेस का प्रशंसा पत्र लग रहा था। राजस्थान सरकार छात्रों का राजनीतिक इतिहास नहीं, बल्कि कांग्रेस का इतिहास पढ़ा रही है। वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार शिक्षा का राजनीतिकरण कर रही है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने आजादी की लड़ाई लड़ी है। देश की सबसे पुरानी पार्टी है। सिलेबस बनाने वालों को कुछ सोचकर ही बिंदु शामिल किए होंगे।

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