Saturday, October 1, 2022

Rajasthan: मुख्यमंत्री के विभाग के खिलाफ सलाहकार ने खोला मोर्चा, MLA संयम लोढ़ा ने गृह विभाग के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) की सरकार में सलाहकार और सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं लेकिन इस बार उन्होंने अपनी सरकार में सीएम के विभाग के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है.

संयम लोढ़ा ( sanyam lodha) ने विधानसभा में घोषणा होने के

बावजूद अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने के बाद गृह विभाग और राजस्व विभाग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया है. मालूम हो कि राज्य में गृह विभाग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास है. लोढ़ा ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए कल ही विधानसभा सचिव को दोनों विभागों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (breach of privilege) के नोटिस दिए हैं जिसके बाद अब विधानसभा सचिवालय इस मामले पर आगे की कार्रवाई करेगा. लोढ़ा ने सीएम के गृह विभाग के खिलाफ दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस में बताया है कि सिरोही जिले के बरलूट थाना इलाके में हत्या के मामले में एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाकर जेल भेजने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

वहीं लोढ़ा ने आगे कहा है कि इस मामले में 15 मार्च को विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान गृह मंत्री के तौर पर जवाब देते। हुए शांति धारीवाल ने कहा था कि 15 दिन में कार्रवाई की जाएगी. लोढ़ा ने कहा कि आज दो महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

जमीन घोटाले में विशेषाधिकार हनन

वहीं संयम लोढ़ा ने दूसरा विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव राजस्व विभाग के खिलाफ विधानसभा में दिया है. सिरोही के पिंडवाड़ा तहसील के बनास गांव में जमीन घोटाले का एक मामला 19 फरवरी 2020 में संयम लोढ़ा ने विधानसभा में उठाया था.

विधानसभा की कार्रवाई के दौरान तत्त्कालीन राजस्व मंत्री ने राजस्व सचिव से जांच का आश्वासन दिया था लेकिन लोढ़ा का • आरोप है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है. ऐसे में दो साल से ज्यादा समय गुजरने के बाद इसे अब विशेषाधिकार हनन का मामला बताकर प्रस्ताव दिया गया है.

विशेषाधिकार समिति करेगी कार्रवाई तय

गौरतलब है कि संयम लोढा ने विधानसभा सचिव को गृह विभाग और राजस्व विभाग के खिलाफ विधानसभा सचिव को विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है जो अब नियम के मुताबिक विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के पास जाएगा.

वहीं यही कमेटी इस मामले में तय करेगी कि यह मामला विशेषाधिकार का है या नहीं. हालांकि दूसरी ओर सीएम के सलाहकार का सीएम के विभाग के खिलाफ ही विशेषाधिकार हनन देना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय जरूर बन गया है और विपक्षी दल इस पर सरकार को घेर रहा है.

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