Monday, September 26, 2022

Rajasthan Congress: राजस्थान में किसको मिलेगी कांग्रेस की कमान? सामने आई ये जानकारी

Rajasthan Congress: राजस्थान में किसको मिलेगी कांग्रेस की कमान? सामने आई ये जानकारी

Rajasthan Election 2023 कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश प्रभारी अजय माकन व अन्य नेताओं से चर्चा के बाद फैसला किया है कि राज्यसभा चुनाव के बाद नेतृत्व को लेकर आखिरी फैसला लिया जाएगा ताकि पंजाब की तरह असहज करने जैसी स्थिति का सामना दोबारा न करना पड़े.

Congress leadership row in Rajasthan: राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार और संगठन के बीच सबकुछ ठीक है या नहीं इसे लेकर अक्सर कयासबाजी और अटकलों का दौर लगता रहता है. पार्टी में वर्चस्व को लेकर लंबे समय से जारी लड़ाई के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है कि सूबे का अगला विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा? इसका फैसला कांग्रेस पार्टी अगले 60 दिनों के भीतर कर लेगी.

पंजाब जैसा हाल नहीं चाहती पार्टी

गौरतलब है कि अगले साल 2023 में सूबे में विधानसभा चुनाव होने हैं और फिलहाल मिल रही जानकारी के मुताबिक इन चुनावों में पार्टी का चेहरा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होंगे या नहीं जल्द ही तय कर लिया जाएगा. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के मुताबिक वो राजस्थान में पंजाब जैसी स्थिति नहीं बनने देना चाहती जहां इस फैसले को चुनाव के अंतिम क्षणों तक के लिए टाल दिया गया था. ऐसे में कांग्रेस अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) या सचिन पायलट (Sacjin Piolot) किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी या फिर पार्टी सामूहिक नेतृत्व का फॉर्मूला अपनाएगी इन चीजों को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा.

10 जून के बाद साफ होगी स्थिति

ऐसे में कहा जा रहा है कि राजस्थान की सत्ता का किला बचाने के लिए हो रही जरूरी कोशिशों और उपायों को जल्द ही अमली जामा पहना दिया जाएगा. इसके लिए राज्यसभा चुनाव पूरे होने का इंतजार हो रहा है और 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद किसी भी तरह के असमंजस की स्थिति साफ हो जाएगी.

नेतृत्व परिवर्तन या बने रहेंगे गहलोत?

राजस्थान में कांग्रेस की ओर से सीएम पद का चेहरा कौन होगा इसको लेकर असमंजस की स्थिति जल्द ही खत्म हो सकती है. अशोक गहलोत के नेतृत्व में चुनाव में जाना है या फिर प्रदेश के नेतृत्व में बदलाव होगा ये सब भी जल्द ही तय कर दिया जाएगा. पार्टी नेताओं के मुताबिक, ‘जल्द ही स्पष्ट फैसला लेना जरूरी है ताकि आगामी चुनाव की तैयारियां पूरे जोर-जोश के साथ की जा सकें. संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. अगर अशोक गहलोत के नेतृत्व में चुनाव लड़ना है तो वह भी स्पष्ट होना चाहिए और अगर नेतृत्व बदलना है तो वह भी समय से पहले ही घोषित कर देना चाहिए.’

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