Wednesday, September 28, 2022

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साधे एक तीर से कई निशाने, जाने पूरी खबर

गुजरात के साबरमती आश्रम से शुरू हुई आजादी गौरव यात्रा ने शुक्रवार को रतनपुर बॉर्डर (डूंगरपुर) से राजस्थान में प्रवेश कर लिया। प्रदेश में यात्रा का स्वागत करने के लिए खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सीमा पर आए और एक किमी तक पैदल चले।
सीमा पर हुई सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरएसएस, भाजपा, मोदी-शाह, योगी व शिवराज को निशाने पर लिया, इसके साथ ही उन्होंने अपना संदेश जनजाति वोटरों और कांग्रेस के आलाकमान तक को दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आदिवासी बाहुल्य दक्षिणी राजस्थान से ही अगले चुनावों में एक बार फिर सत्ता का रास्ता प्रशस्त करना चाहते हैं।


दरअसल पिछले चुनावों में उदयपुर संभाग की 28 सीटों में से कांग्रेस के खाते में मात्र दस सीटें ही आई थीं, थीं वहीं 15 हीं सीटें भाजपा के खाते में गई। दो बीटीपी और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को गई थी। साल 2018 के चुनावों से पहले किसी भी पार्टी के लिए सत्ता का रास्ता दक्षिणी राजस्थान से ही तय होता था। इसकी वजह यह है कि यहां के मतदाता हर बार एक पार्टी को ही पूर्ण बहुमत से जीताते आए हैं, लेकिन पिछले चुनावों ने इस मिथ को तोड़ दिया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोबारा यही करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने भाषण वो सबकुछ किया जिससे जनजाति वोटरों को कांग्रेस के पक्ष में किया जा सके। चूंकि भाजपा भी राजस्थान में जनजाति बाहुल्य इलाकों को फोकस कर रही है। read more- रणबीर-आलिया की शादी पर संजय दत्त ने किया रिएक्ट, कपल को दी खास सलाह

सवाई माधोपुर का दौरा कर चुके है,जेपी नड्डा

अमित शाह दक्षिणी राजस्थान का दौरा करने वाले हैं। दक्षिणी राजस्थान की चुनावी गणित को समझने के लिए मौजूद स्थिति को समझना जरूरी है। वर्तमान स्थिति में उदयपुर संभाग के छह जिलों में 28 सीटों में से भाजपा के पास 15 और कांग्रेस के पास दस सीटें हैं। दो बीटीपी और एक निर्दलीय है। संकट की स्थिति में बीटीपी ने कांग्रेस का साथ दिया था। इन 28 सीटों में से भी 15 सीटें जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

इस क्षेत्र में चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस को अन्य इलाकों के मुकाबले एंटी इनकंबेंसी का ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
गहलोत ने जनजाति वोटों को ऐसे साधा सिंचाई और पीने का पानी बांसवाड़ा व डूंगरपुर का अहम मुद्दा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया आपके इलाके की हैं। ये अगर पैसा खर्च करेंगे तो मुझसे नहीं पूछेंगे। दूसरा मुद्दा यहां रेल का है। बांसवाड़ा जिला अब तक रेल लाइन से नहीं जुड़ पाया है। मुख्यमंत्री ने लोगों को याद दिलाया कि उनकी सरकार ने डूंगरपुर से बांसवाड़ा
होकर रतलाम रेल लाइन का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार ने 900 करोड़ रुपये देने का एमओयू भी किया, लेकिन मोदी सरकार ने इस योजना को रोक दिया। read more- Cm की नाराजगी के बाद चिकित्सक मंत्री ने लगाई क्लास, मरीजों के बेड तक पहुंचेगी अब दवा

आलाकमान को ऐसे साधा

गहलोत ने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया और राहुल की सिलसिलेवार तारीफ की। सबसे पहले उन्होंनेन्हों इंदिरा गांधी की शहादत का जिक्र किया। इसके बाद राजीव गांधी के लिए कहा कि वे प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले इसी आदिवासी इलाके में आए थे। लोगों से मिले और उनको विकास से जोड़ने की योजना तैयार की। तब वे भी उनके साथ आए थे।
उन्होंने सोनिया गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा कि देश में जब चारों ओर हिंसा का माहौल है, तब सोनिया गांधी आजादी गौरव यात्रा निकालने का निर्णय किया.

गहलोत का अगला सियासी कदम यह होगा

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अगले महीने दक्षिणी राजस्थान में ही एआईसीसी की बैठक करवाना चाहते हैं। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। उन्होंने इसके लिए उदयपुर में कुछ होटलों का निरीक्षण भी किया है। माना जा रहा है कि मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में एआईसीसी की मीटिंग उदयपुर में होने की पूरी संभावना है। आजाद गौरव यात्रा को राजस्थान में 800 किमी का सफर तय करना है। हो सकता है कि सोनिया गांधी या राहुल गांधी भी राजस्थान में इस यात्रा में शामिल हों।

आपकी राय

क्या मायावती का यूपी चुनावों में हार के लिए मुस्लिम वोटों को जिम्मेदार ठहराना सही है?

View Results

Loading ... Loading ...

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles

Latest Posts