Saturday, October 1, 2022

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 से पहले वसुंधरा समर्थकों की बढ़ी मुश्किलें, नागौर से कांग्रेस नेता श्याम सिंह की BJP में एंट्री

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 से पहले वसुंधरा समर्थकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। एक बाद एक वसुंधरा समर्थकों को साइडलाइन किया जा रहा है। पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा के बाद अब वसुंधरा समर्थक युनूस खान की मुश्किलें बढ़ गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस नेता श्याम प्रताप सिंह रूवा की भाजपा में एंट्री करवाकर युनूस खान के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। दरअसल, हाल ही में नागौर जिले से आने वाले कांग्रेस नेता और पीसीसी सदस्य प्रवक्ता श्याम प्रताप रूवा ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में श्याम प्रताप को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई। रूवा के भाजपा में आने के बाद माना जा रहा है कि नागौर जिले की डीडवाना विधानसभा सीट से दो बार के विधायक और वसुंधरा राजे सरकार के दोनों कार्यकाल में मंत्री रहे युनूस खान के टिकट पर ग्रहण लग सकता है।

पूर्व मंत्री युनूस खान डीडवाना से रहे दो बार विधायक

नागौर जिले की डीडवाना विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे युनूस खान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेहद करीबी माने जाते हैं। वसुंधरा राजे के पिछले दो कार्यकाल में युनूस खान मंत्री रहे हैं। हालांकि साल 2018 के चुनाव में युनूस खान ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खिलाफ टोंक से चुनाव लड़ा था और जीत नहीं पाए थे। पिछली बार डीडवाना से भाजपा प्रत्याशी भी चुनाव नहीं जीत पाए थे। लेकिन अब डीडवाना से ही साल 2008 और 2013 में विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ने वाले श्याम प्रताप को भाजपा में शामिल करने के बाद सियासी अटकलों का बाजर गर्म हो गया है। हालांकि श्याम प्रताप रूवा ने कहा कि वह बिना शर्त भाजपा में शामिल हुए हैा। भाजपा के टिकट नही  मिलने के सवाल पर कहा कि पार्टी जिसे टिकट देगी उसकी जीत के  लिए काम करेंगे। 

पूनिया के इशारे पर वसुंधरा समर्थक साइडलाइन

राजस्थान भाजपा ने युनूस खान की किलेबंदी करने से पहले वसुंधरा समर्थक पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। अलवर की थानागाजी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रोहिताश्व शर्मा पर पीएम मोदी पर कमेंट करने के बाद 27 जुलाई 2021 को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। जानकारों का कहना है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के इशारे पर ही वसुंधरा समर्थकों की किलेबंदी की जा रही है। वसुंधरा समर्थक लगातार सीएम फेस घोषित करने की मांग कर रहे हैं। जबकि वसुंधरा विरोधी धड़ा पूर्व वसुंधरा राजे को सीएम चेहरा घोषित करने की मांग का विरोध कर रहा है। 

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