Wednesday, September 28, 2022

Rajiv Gandhi Death Anniversary: देश के पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें याद किया जा रहा है। 21 मई 1991 को एक आत्मघाती बम धमाके में भारत रत्न राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनके जन्म के तीन साल बाद देश आजाद हुआ था। बड़े होने के बाद राजीव गांधी ने न केवल जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की राजनीतिक विरासत को संभाला, बल्कि देश को तकनीक व वैश्विक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए। उनका बचपन, शिक्षा, राजनीतिक जीवन और लव लाइफ सब को ही बहुत दिलचस्प किस्से कहानियों से परिपूर्ण है। देश के एक बड़े राजनीतिक और दमदार परिवार में जन्म के साथ ही राजीव पर काफी जिम्मेदारियां आ गई थीं। उन्होंने इन जिम्मेदारियों को निभाया लेकिन अंत में उनकी हत्या कर दी गई। राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 में हुआ था. जब वह तीन साल के थे, तब देश आजाद हुआ था. उनका बचपन तीन मूर्ति भवन में बीता. बतौर प्रधानमंत्री राजीव गांधी नेहरू-गांधी परिवार के आखिरी सदस्य थे. उनके बाद भले ही गांधी परिवार राजनीति में आज भी है लेकिन कोई प्रधानमंत्री के पद पर आसीन न हो सका. राजीव गांधी की छवि हमेशा एक बेदाग नेता की रही. राजीव गांधी की 21 मई, 1991 की रात को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई थी.

राजीव गांधी कभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे, यही कारण है कि इंदिरा गांधी के बेटे होने के बावजूद वो एक एयरलाइंस कंपनी में पायलट की नौकरी करते थे.दरअसल, इमरजेंसी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) को कुर्सी गंवानी पड़ी थी. जिसके बाद राजीव गांधी कुछ समय के लिए विदेश चले गए. विदेश में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की कोशिश की, लेकिन किताबी ज्ञान उन्हें रास नहीं आया. लंदन में पढ़ाई करने के बाद वे कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए, यहां तीन वर्ष पढ़ने के बाद भी उन्हें डिग्री हासिल नहीं हुई. फिर राजीव ने लंदन के इंपीरियल कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया, लेकिन इसमें में भी उनका दिल नहीं लगा.

पायलट के तौर पर करियर की थी शुरूआत
इसके बाद दिल्ली (Delhi) आ गए और यहां फ्लाइंग क्लब में पायलट की ट्रेनिंग ली. 1970 में राजीव गांधी ने एयर इंडिया के साथ पायलट के तौर पर करियर की शुरूआत की. राजीव गांधी, इंदिरा गांधी के बड़े बेटे थे. राजीव को राजनीति में कोई रुचि नहीं थी. मां के प्रधानमंत्री होने के बावजूद वो कभी लाइमलाइट में नहीं आए, जबिक उनके छोटे भाई संजय गांधी अमेठी से सांसद थे. लेकिन छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई दुर्घटना में मौत हो जाने के बाद उन्हें राजनीति का दामन थामना पड़ा.

भारत में लाए थे कंप्यूटर क्रांति
1980 के दशक में राजीव गांधी ने राजनीति में कदम रखा और अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मौत के बाद 1984 में वो भारी बहुत के साथ भारत के सातवें प्रधानमंत्री बने. राजीव गांधी भारतीय इतिहास में सबसे कम उम्र के पीएम थे. उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था. वह पहले ऐसे प्रधामंत्री थे जो भारत में कंप्यूटर क्रांति लाए थे.

भारत जोड़ो अभियान
वहीं भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर शनिवार से भारत जोड़ो अभियान शुरू करेगी. आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा, आज हम जिस डिजिटल क्रांति के दौर में जी रहे हैं, उसकी नींव राजीव गांधी ने ही रखी थी. इस अभियान के माध्यम से हम भारत को जोड़ने की पहल के तौर पर एक नयी क्रांति की शुरुआत करेंगे.

21वीं सदी के भारत के लिए था विजन
राजीव जी के पास 21वीं सदी के भारत के लिए एक विजन था। उनके पास दूरसंचार के लिए, पंचायती राज के लिए, महिलाओं को राजनीति में सबसे आगे लाने के लिए एक विजन था। उनके बड़े सपने थे और कांग्रेस पार्टी ने भारत के लिए उनके सपनों को हकीकत में बदलने में मदद की। उन्होंने सशक्त बनाया।

21 मई 1991 की वो तारीख कभी भुलाई नहीं जा सकती। आतंकी हमले में पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या हो गई थी। उनके निधन के बाद राजीव गांधी के परिवार पर संकट आन पड़ा था। तरह तरह की मुश्किलों के बीच गांधी परिवार ने अपनी पकड़ सत्ता पर मजबूत की। अलग अलग कालखंड में उनकी सरकार भी रही। हालांकि इस समय कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इन सबके बीच एक बेटे ने यानी राहुल गांधी के साथ बिताए कुछ लम्हों को साझा किया है। राहुल गांधी बताते हैं कि उनके पिता एक दूरदर्शी नेता थे जिनकी नीतियों ने आधुनिक भारत को आकार दिया।

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