Wednesday, September 28, 2022

राजस्थान राज्यसभा चुनाव : कांग्रेस ने राजस्थान के 1 भी नेता को नहीं दिया मौका, जानें कौन हैं ये 3 प्रत्याशी

ग्रेस ने राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) के लिए राजस्थान के प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने 3 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं. रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी (Randeep Surjewala Mukul Wasnik and Pramod Tiwari) राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे. ये तीनों ही नेता राज्य से बाहर के हैं. राजस्थान के किसी भी नेता को टिकट नहीं दिया गया है. टिकट की दौड़ में राजस्थान से भी कई नेताओं के नाम दौड़ में शामिल थे. लेकिन पार्टी ने बाहरी नामों पर ही अपना विश्वास जताया है. इसे लेकर विरोध के स्वर भी देखने को मिल रहे हैं. मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं.

संयम लोढ़ा ने ट्वीट कर कहा है कि ”कांग्रेस पार्टी को यह बताना चाहिए कि राजस्थान के किसी भी कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता को राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी नही बनाने के क्या कारण है?” उधर कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा ने संयम लोढ़ा के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि ”मेरे मित्र संयम लोढा अखबारों के अनुसार सबसे पहले आपने ही तीन उम्मीदवार बाहर के लाने की सलाह दी थी. आपकी राय को काफी महत्व मिला लगता है बस नाम बदल गए. आपको तो प्रसन्न होना चाहिए।

तीनों प्रत्याशी 50 वर्ष की उम्र से ज्यादा हैं

संयम लोढ़ा ने प्रियंका गांधी, कुमार विश्वास और कन्हैया कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की वकालत की थी. वहीं जिन तीन नेताओं को टिकट दिया गया है उन सभी की उम्र 50 साल से ज्यादा है. यानि पार्टी ने किसी भी युवा पर अपना भरोसा नहीं जताया है. राजस्थान में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव होना है. कांग्रेस इन में से 3 सीटों पर अपनी दावेदारी जता रही है. प्रत्येक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 41 वोटों की जरूरत है. कांग्रेस को विश्वास है कि निर्दलीयों के साथ ही सहयोगी दल उसके साथ आएंगे.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी राजस्थान से हैं सांसद

कांग्रेस प्रत्याशी 31 मई यानि आखिरी दिन अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. कांग्रेस अगर 3 सीटें जीती है तो पार्टी के राजस्थान से राज्यसभा में राज्य के बाहर के 5 नेता हो जाएंगे. वर्तमान में डॉ. मनमोहन सिंह और केसी वेणुगोपाल राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं. केवल नीरज डांगी ही राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं.

रणदीप सिंह सुरजेवाला

रणदीप सिंह हरियाणा राज्य से संबंध रखते हैं. वे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. हरियाणा के नरवाना और कैथल से विधायक और भूपेंद्र हुड्डा सरकार में मंत्री रह चुके हैं. ओम प्रकाश चौटाला को दो बार चुनाव में हरा चुके हैं. पिछला विधानसभा चुनाव और उससे पहले उपचुनाव हार चुके हैं. सुरजेवाला की 55 साल है. वे राहुल गांधी के करीबी हैं. जाट चेहरे के तौर पर इन्हें टिकट दिया गया है.

मुकुल वासनिक

मुकुल वासनिक महाराष्ट्र राज्य से ताल्लुक रखते हैं. वे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सीईसी प्रभारी हैं. यूपीए सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. 1984 में पहली बार महज 25 साल की उम्र में सांसद बने थे. संगठन में काम करने का भी लंबा अनुभव है. वासनिक की उम्र करीब 63 साल है. दलित चेहरे के तौर पर इन्हें टिकट दिया गया है.

प्रमोद तिवारी

प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश राज्य से संबंध रखते हैं. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास सीट पर दबदबा है. 1 ही सीट से लगातार 9 बार चुनाव जीत कर गिनीज बुक में नाम दर्ज करवा चुके हैं. रामपुर खास सीट से 10 बार विधायक रहे हैं. उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता भी रहे हैं. 2014 में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे. इनकी उम्र 70 साल है. ब्राह्मण चेहरे के तौर पर इन्हें टिकट दिया गया है.

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