Wednesday, September 28, 2022

Rakesh Maria Biopic : जब गिड़गिड़ा रहे संजय दत्त से बोले राकेश मारिया- तुम खुद बताओगे या मैं बताऊं

बॉलिवुड के दिग्‍गज डायरेक्टर रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) ने शनिवार को घोषणा की कि वह राकेश मारिया पर बायोपिक बनाएंगे। राकेश मारिया मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्‍नर हैं। वो सुपर कॉप (Rakesh Maria Biopic) जिनकी सूझबूझ और शेरदिल जिगर की बदौलत मुंबई पुलिस ने सैंकड़ों केस सुलझाए। राकेश मारिया 981 में यूपीएससी परीक्षा पास करके भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बने। उनकी उपलब्धियों में 1993 मुंबई बम धमाकों (1993 Mumbai Serial Blasts) की तह तक पहुंचने से लेकर 26/11 के हमले के दरिंदे अजमल कसाब (Azmal Kasab) को कालकोठरी तक पहुंचाना भी शामिल है। वह राकेश मारिया ही थे, जिन्‍होंने डिप्‍टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) रहते हुए बॉम्बे सीरियल ब्लास्ट मामले में संजय दत्त (Sanjay Dutt) को हथकड़ी पहनाई। उन्‍हें एयरपोर्ट से सीधे गिरफ्तार कर पूछताछ की। वह राकेश मारिया ही थे, जिनके सामने गिड़गिड़ाते हुए संजय दत्त ने कहा था कि वह बेकसूर हैं। 2003 में गेटवे ऑफ इंडिया और जावेरी बाजार दोहरे विस्फोट मामले का पर्दाफाश भी राकेश मारिया ने ही किया।

जब राकेश मारिया बने मुंबई के सुपर कॉप
राकेश मारिया को 2014 में मुंबई पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था और फिर 2015 में होम गार्ड्स के महानिदेशक के रूप में प्रमोट कर दिया गया। उन्होंने 36 वर्षों तक मुंबई पुलिस की सेवा की और 2017 में रिटायर हो गए। अपनी सर्विस के दौरान राकेश (Rakesh Maria Achievements) ने ऐसे झंडे गाड़े हैं जिन्हें छू पाना शायद ही किसी के बस की बात है।

राकेश मारिया ने जब ब्लास्ट केस सुलझाया
अपनी किताब ‘Let me say it now’ में राकेश मारिया ने मुंबई बम धमाकों की जांच और संजय दत्त की गिरफ्तारी के प्रकरण का पूरा कच्‍चा चिट्ठा लिखा है। वह लिखते हैं एक दिन जब वह ऑफिसर सामरा के घर पहुंचे तो वहां जॉइंट सीपी (क्राइम) महेश नारायण भी थे। वो पहली बार था जब वो एकसाथ सीपी और जॉइंट सीपी के सामने थे। राकेश मारिया को मुंबई में काम संभाले अभी 22 महीने ही हुए थे। लेकिन उन्हें मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस (Mumbai Serial Blast Case) के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के रूप में रखा गया।

दांव पर थी मुंबई पुलिस की प्रतिष्‍ठा
राकेश मारिया किताब में लिखते हैं। सामरा ने मुझसे कहा, ‘राकेश, तुम जानते ही हो कि ये धमाके कितने सीरियस हैं। इससे भी बड़ी समस्‍या यह कि हमारे पास कोई सुराग नहीं हैं। ये किसने किया, क्यों किया, हमें कुछ नहीं पता। राकेश, मुंबई पुलिस की प्रतिष्ठा दांव पर है। हमने फैसला किया है कि इस केस की इन्वेस्टिगेशन तुम करोगे।’

टाइगर मेनन और दाऊद के नाम का खुलासा
मारिया ने मोर्चा संभाला। इस बीच 13 मार्च की रात राकेश मारिया को एक टिप मिली। पता चला कि वर्ली इलाके में हथियारों से भरी एक मारुति वैन मिली है। वैन में थीं सात एके-56 असॉल्ट रायफलें, 14 मैगजीन, पिस्टल और चार हैंड ग्रेनेड। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मारुति वैन रुबिना सुलेमान मेमन के नाम पर है। कागजात में पता था माहिम की अल हुसैनी बिल्डिंग। राकेश मारिया ने अपने इन्‍फॉर्मर से हुसैनी बिल्‍ड‍िंग के बारे पूछा तो पता चला कि वह टाइगर मेमन का है। यह पहला मौका था जब राकेश मारिया ने टाइगर मेमन का नाम सुना था। इन्‍फॉर्म ने बताया कि वह स्‍मगलर है। अंडरवर्ल्‍ड से जुड़ा है। राकेश मारिया अपनी किताब में लिखते हैं, ‘अंडरवर्ल्ड की दुनिया में एक किस्सा खूब सुनाया जाता है। 1992में बाबरी मस्ज़िद गिराए जाने के बाद मुंबई के कुछ मुस्लिम इसका बदला लेना चाहते थे। बदला लेने के लिए मदद मांगी गई दुबई में बैठे दाऊद इब्राहिम से। लेकिन कहते हैं कि दाऊद ने इनकार कर दिया। तब कुछ महिलाओं ने दाऊद को चूड़‍ियां भेजीं। यह बात डॉन के दिल पर लग गई। इसी के बाद उसने टाइगर मेमन और मोहम्मद दौसा के साथ मिलकर मुंबई हमले की प्लानिंग की और यहीं से जांच में दाऊद इब्राहिम का नाम भी जुड़ गया।’

हनीफ और समीर बोले- संजू बाबा, मारिया ने पूछा- कौन संजू
बम धमाकों की गूंज सड़क से सदन तक थी। पुलिस की जांच भी तेजी से बढ़ रही थी। इसी बीच साजिश में शामिल तीन लोगों को पकड़ा गया। नाम थे बादशाह खान, हनीफ और समीर। जब इन तीनों से पूछताछ की गई तो एक ऐसा नाम आया, जिसने हर किसी के दिमाग को तगड़ा झटका दिया। यह नाम था संजय दत्त का। मारिया अपनी किताब में लिखते हैं, ‘पूछताछ चल रही थी, तभी हनीफ और समीर ने कहा कि साब आप बड़े लोगों को पकड़ते नहीं क्या?’ मारिया ने पूछा कौन बड़े लोग तो सामने से जवाब मिला- संजू बाबा। यह नाम सुन पहले पहल मारिया को कुछ समझ नहीं आया। उन्‍होंने दोबारा पूछा- कौन संजू? हनीफ और समीर ने कहा- संजय दत्त, हीरो।

जब राकेश मारिया के कब्जे में आए संजय दत्त
पुलिस ने जब साजिश में शामिल तीन लोगों को पकड़ा उसके बाद जो नाम सामने आया वो चौंकाने वाला था, क्योंकि वो नाम था ऐक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) का। इसके बारे में मारिया ने अपनी किताब में भी लिखा है कि उन्हें ये नाम सुनने के बाद भरोसा नहीं हुआ था कि ये कैसे? उस वक्त संजय दत्त (Sanjay Dutt Rakesh Maria) के घर पर तीन एके-56 रायफल, 25 हैंड ग्रेनेड और एक 9 एमएम पिस्टल मिली थी।

संजय दत्त की गिरफ्तारी
फिर वो दिन आया, जब जांच से अंजान संजय दत्त को शूटिंग से लौटते ही मुंबई एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया। 19 अप्रैल 1993 को संजय दत्त की फ्लाइट मॉरीशस से मुंबई लैंड हुई। संजय दत्त फ्लाइट से उतरे तो सामने राकेश मारिया थे। पूरे दल और बल के साथ। राकेश मारिया ने संजय दत्त को अपना परिचय दिया। उनसे पासपोर्ट और बोर्डिंग पास मांगा। इससे पहले कि संजय दत्त कुछ समझ पाते, वह पुलिस की जीप में थे। गिरफ्तारी हो चुकी थी। मारिया किताब में लिखते हैं कि संजय दत्त को झटका लगा था। उनके साथ जो पुलिसवाले थे, उन्‍हें सख्‍त निर्देश थे कि कोई रास्‍ते में संजय दत्त से बात नहीं करेगा। एक शब्‍द भी नहीं। जबकि दत्त लगातार कहते रहे कि आपलोग ये नहीं कर सकते। फैमिली इंतजार कर रही है। उन्‍हें एक बार परिवार से मिलने का मौका दिया जाना चाहिए

जब मारिया ने कहा- तुम खुद बताओगे या मैं बताऊं
गिरफ्तारी के अगले दिन सुबह यानी 20 अप्रैल को पहली बार पुलिस से किसी ने संजय दत्त से बात की। वह शख्‍स राकेश मारिया ही थे। उन्‍होंने संजय दत्त से सीधा सवाल किया- तुम अपनी कहानी खुद बताओगे या मैं बताऊं? संजय दत्त ने कहा – सर मैंने कुछ नहीं किया। लेकिन बाद में संजय दत्त ने राकेश मारिया को सारी बात बताई। राकेश मारिया लिखते ही कुछ दिन बाद जब संजय दत्ता का पिता और सांसद सुनील दत्त से सामना करवाया गया तो वह फफककर रो पड़े। संजय दत्त ने अपने पिता से कहा- मुझसे गलती हो गई।

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