Wednesday, September 28, 2022

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोनिया गांधी को दिया अल्टीमेटम सीएम बदलो , नहीं तो राजस्थान में भी होगा पंजाब वाला हाल

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि उन्हें बिना किसी देरी के राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट ने पार्टी हाईकमान से कहा है कि अगर पार्टी चाहती है कि वो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में फिर से सत्ता में वापसी करे तो उसे उन्हें जल्द से जल्द राज्य का मुख्यमंत्री बनाना होगा। राज्य में दिसंबर, 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सचिन पायलट ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से कहा कि अगर उन्हें सीएम नहीं बनाया जाता है तो कांग्रेस को पंजाब की तरह राजस्थान में भी हार का मुंह देखना पड़ सकता है। खबर यह भी है कि सचिन पायलट ने पिछले कुछ दिनों में गांधी परिवार के साथ तीन बार बैठक की है। उन्होने इस दौरान कांग्रेस हाईकमान के सामने दो टूक रूप से अपनी बात रख दी है। इन बैठकों में उन्होंने सोनिया और प्रियंका गांधी से कहा कि अगर उन्हें देरी से मुख्यमंत्री बनाया गया तो पार्टी पंजाब की तरह राजस्थान को भी गंवा सकती है। पंजाब में चुनाव से कुछ समय पहले ही चरणजीत चन्नी को मुुख्यमंत्री बनाया गया था और पार्टी चुनाव हार गई थी।

आपको बता दें कि राजस्थान में अगले साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावो से पहले ही राजस्थान कांग्रेस के भीतर कलह शरु हो चुकी है। राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट का अपना-अपना गुट बंट चुका है। हालाकि इससे पहले भी दोनो गुटों में तनातनी की खबरें आ चुकी है। सचिन पायलट पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राज्य में डिप्टी सीएम के पद पर थे, लेकिन 2020 में उनके बगावती सुरों के चलते दोनों ही पद उनसे ले लिए गए थे। सचिन पायलट के समर्थक उन्हें सीएम बनाने को लेकर लगातार मांग करते रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि अगर कांग्रेस पार्टी सचिन पायलट की बात पर गौर नहीं करती है तो क्या वह किसी ओर पार्टी का रुख करेगे। क्योकि इससे पहले भी राहुल गांधी के करीबी ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और आरपीएन सिंह जैसे नेता कांग्रेस को झटका देते हुए बीजेपी में शामिल हो चुके है।

सचिन पायलट को संतुष्ट करने के लिए कांग्रेस ने कथित रूप से उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव पद (यही पद प्रियंका गांधी वाड्रा के पास है) दिए जाने की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने यह कहकर इंकार कर दिया है कि वह राजस्थान और अपने मूल समर्थकों से दूर नहीं जाना चाहते.

बताया गया है कि सचिन पायलट से वर्ष 2023 से रुके रहने और अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कहा गया है.

फिलहाल, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर निर्णय राजस्थान के उदयपुर में 13-15 मई को होने वाले चिंतन शिविर के बाद तक के लिए टाल दिया है. हालिया चुनावी पराजयों के बाद कांग्रेस द्वारा घोषित किए गए कदमों में से एक के तौर पर होने जा रही इस बैठक में अशोक गहलोत के हावी रहने की पूरी संभावना है.

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बिल्कुल नहीं बनती है और पिछले कई साल से ये कांग्रेस के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। गहलोत कई बार संकेत दे चुके हैं कि वो मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कुछ भी करेंगे। सूत्रों के अनुसार, उन्हें कांग्रेस के अधिकांश विधायकों और समर्थन हासिल है और वो सोनिया के विश्वस्त भी हैं। हाल ही में उन्होने कहा था कि उनका इस्तीफा हमेशा सोनिया के पास रहता है।

फिलहाल, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर निर्णय राजस्थान के उदयपुर में 13-15 मई को होने वाले चिंतन शिविर के बाद तक के लिए टाल दिया है. हालिया चुनावी पराजयों के बाद कांग्रेस द्वारा घोषित किए गए कदमों में से एक के तौर पर होने जा रही इस बैठक में अशोक गहलोत के हावी रहने की पूरी संभावना है.

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