Monday, September 26, 2022

पायलट पर कांग्रेस का भविष्य! अशोक गहलोत गुट दरकिनार, 3 कमेटियों में सचिन की एंट्री

कांग्रेस ने उदयपुर चिंतन शिविर में किए गए फैसलों को लागू करने के लिए मंगलवार को 8 सदस्यीय टास्क फोर्स-2024 का गठन किया, जिसमें पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है.

साथ ही, आठ सदस्यीय राजनीतिक मामलों का एक समूह गठित किया गया, जिसकी अगुवाई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी. कांग्रेस की 2 अक्टूबर से प्रस्तावित भारत जोड़ो यात्रा के समन्वय के लिए केंद्रीय योजना समूह का भी गठन किया गया है. केंद्रीय योजना समूह में दिग्विजय सिंह, सचिन पायलट, शशि थरूर, रवनीत सिंह बिट्टू, के. जे. जॉर्ज, ज्योति मणि, प्रद्युत बारदलोई, जीतू पटवारी और सलीम अहमद को जगह दी गई है.

खबर में खास

• सचिन पायलट पर कांग्रेस का भविष्य!

• भारत जोड़ो यात्रा की प्लानिंग का काम देखेंगे सचिन

अशोक गहलोत गुट दरकिनार कांग्रेस का उदयपुर नवसंकल्प

सचिन पायलट पर कांग्रेस का भविष्य!

सोनिया गांधी ने मिशन-2024 से पहले तीन कमेटियां बनाई है. इन तीनों कमेटियों में सचिन पायलट को शामिल किया गया है. विधानसभा चुनाव से पहले सोनिया गांधी ने सचिन पायलट को साथ लेकर चलने का इशारा कर दिया है. दरअसल, पायलट को सेंट्रल प्लानिंग ग्रुप फॉर कॉर्डिनेशन फॉर भारत जोड़ो यात्रा, पॉलिटिकल अफेयर ग्रुप और टास्क फोर्स-2024 में शामिल किया गया है. वहीं, सचिन पायलट के अलावा राजस्थान से पूर्व केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले भंवर जितेंद्र सिंह को भी जगह मिली है.

भारत जोड़ो यात्रा के समन्वय के लिए बने इस समूह में शामिल कई नेता कांग्रेस के भविष्य के तौर पर देखे जा रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि टास्क फोर्स का हर सदस्य और कांग्रेस के फ्रंटल संगठनों युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवा दल के प्रमुख इस समूह में शामिल होंगे.

भारत जोड़ो यात्रा की प्लानिंग का काम देखेंगे सचिन

कांग्रेस आलाकमान ने राजनीतिक मामलों को देखने के लिए पॉलिटिकल अफेयर ग्रुप का गठन किया है. इसके अलावा भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सेंट्रल प्लानिंग ग्रुप फॉर कॉर्डिनेशन का भी गठन गया. इसमें राजस्थान से दो प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पालयट को भारत जोड़ो यात्रा के लिए बनी सेंट्रल प्लानिंग ग्रुप फॉर कॉर्डिनेशन में शामिल किया गया है. माना जा रहा है कि सचिन पालयट इसकी प्लानिंग का काम देखेंगे.

अशोक गहलोत गुट दरकिनार

कांग्रेस की तरफ से बनाई गई कमेटियों में अशोक गहलोत गुट का एक भी सदस्य शामिल नहीं है. सोनिया गांधी ने सचिन पायलट और भंवर जितेंद्र सिंह पर भरोसा जताया है. दरअसल, उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद ही कांग्रेस का फोकस राजस्थान विधानसभा चुनावों पर ही माना जा रहा है.

कांग्रेस का उदयपुर नवसंकल्प

बता दें कि उदयपुर में 13-15 मई के चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस ने उदयपुर नवसंकल्प जारी किया था. इसमें कांग्रेस संगठन में कई बड़े सुधार करने की घोषणा की गई थी जिसमें एक परिवार, एक टिकट की व्यवस्था सबसे प्रमुख है, हालांकि इसके साथ यह शर्त भी रखी गई है कि परिवार के किसी दूसरे व्यक्ति को टिकट तभी मिलेगा, जब उसने संगठन के लिए कम से कम 5 साल तक काम किया हो.

साथ ही पार्टी ने संगठन में हर स्तर पर 50 साल से कम आयु के लोगों को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यकों को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देने और राज्य स्तर पर राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) बनाने का भी निर्णय लिया था. कांग्रेस ने पब्लिक इनसाइट विभाग, राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान और चुनाव प्रबंधन विभाग का गठन करने का निर्णय लिया था.

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