Wednesday, September 28, 2022

भारत के पहले Transgender Pilot की कहानी, घर से लेकर समाज तक के ताने सुनें फिर भी कदम रूके नहीं

कम्युनिटी को भारत में आज भले ही कानूनी मान्यता मिल गई हो, लेकिन इन्हें सामाजिक मान्यता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्हें आज भी सम्मान के लिए लड़ाई करनी करनी पड़ रही है. इसमें ऐसे बेहद कम लोग हैं जो अपने सपनों को पूरा कर पाते हैं.


अब भारत सरकार द्वारा LGBTQI कम्युनिटी को बराबर की मान्यता दी जा चुकी है, लेकिन यह फैसला इतना आसान नहीं था। इसके लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। हालांकि उन्हें आज भी सम्मान के लिए लड़ाई करनी करनी पड़ रही है, जिससे अपने सपने को पूरा कर पाना उनके लिए आसान नहीं हैं। हीन और उपहास के बावजूद इन सबसे बाहर निकल कर 20 वर्षीय एडम हैरी (Adam Harry) देश के पहले ट्रांसजेंडर पायलट बने हैं। हैरी के पास पहले से प्राइवेट पायलट लाइसेंस मौजूद है और परिवार के त्यागे जाने के बाद उन्होंने सरकार से मदद ली.

एडम थिरुवनंतपुरम में Rajiv Gandhi Academy for Aviation Technology से कमर्शियल पायलट के लिए तीन साल का कोर्स करेंगे। अपको बता दें कि उनके पास पहले से प्राइवेट पायलट लाइसेंस मौजूद है, लेकिन परिवार से अलग होने के बाद उन्होंने सरकार से भी मदद मांगी हैं। रिर्पोट के अनुसार केरल के थ्रिस्सुर के रहने वाले हैरी पहले प्राइवेट पायलट लाइसेंस वाले ट्रांसजेंडर पायलट बने हैं। साथ ही उन्होंने अपने समुदाय के लिए एक उद्धरण पेश किए हैं।केरल के थ्रिस्सुर के रहने वाले हैरी पहले प्राइवेट पायलट लाइसेंस वाले ट्रांसजेंडर पायलट हैं. उन्होंने अपने समुदाय के लिए एक प्रेरणा पेश की है, ताकि वह भी अपने सपनों को पूरा कर सकें.

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