Monday, September 26, 2022

राजे का गहलोत सरकार पर हमला, बोली – कांग्रेस कर रही तुष्टिकरण की राजनीति, पुलिस कर रही राजनीतिक दबाव में काम

करौली में हिंसा के मामले में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कांग्रेस सरकार (Vasundhara Raje targeted the Gehlot government ) पर जमकर निशाना साधा,उन्होंने करौली में पीड़ितों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रैली के दौरान हुए उपद्रव पर कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे मंगलवार को करौली दौरे पर रही. इस दौरान वसुंधरा राजे ने सबसे पहले कैलादेवी माता के दरबार में पहुंचकर ढोक लगाई और पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की. इसके बाद वसुंधरा राजे 2 अप्रैल को नवसंवत्सर के दिन रैली के दौरान हुई हिंसा में पीड़ित लोगों (Vasundhara Raje meets victims of Karauli violence) से मुलाकात की और उनके हालचाल जाने. राजे ने घटनास्थल पर पहुंचकर आगजनी में हुए नुकसान का जायजा लिया।
फिर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से घटना की समीक्षा कर मीडिया से रू-ब-रू हुई। राजे ने कांग्रेस सरकार पर निशाना (Vasundhara Raje targeted the Gehlot government) साधते हुए कहा कि खुद कांग्रेस अपने आप ही देश से मुक्त हो रही है।
जिस प्रकार करौली मे हिन्दू नववर्ष पर रैली के दौरान हुए उपद्रव पर कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि करौली घटना में पुलिस प्रशासन और इंटेलिजेंस फैलियर रही है। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब (Vasundhara Raje statement on Karauli violence ) प्रशासन ने रैली की अनुमति दी तो उससे पहले सड़कों को ही चेक क्यों किया,मकानों के ऊपर जाकर क्यों चेक नहीं किया? इससे साफ जाहिर होता है कि करौली की घटना सुनिश्चित थी। राजे ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव
में काम कर रहा है।
अधिकारियों को लताड़ लगाती वसुंधरा राजे दोनों पक्षों को एक तराजू में तोल रहा प्रशासनः राजे ने कहा कि यह अजीब बात है जो लोग यात्रा निकाल रहे हैं. साथ ही शान्तिपूर्ण तरिके से चल रहे हैं और जो लोग प्राणघातक हमला कर रहे हैं। उन दोनों के ऊपर ही पुलिस प्रशासन एक ही धारा लगाने का काम कर रहा है। मतलब जो पिट रहा है और उस पर दूसरा पत्थर फेंक रहा है, उसको प्रशासन एक ही तराजू में
तोलने का काम कर रहा है। राजे ने कहा कि जो लोग रैली में घायल हुए उन लोगों पर भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। पीड़ितों में ऐसे भी लोग शामिल हैं जो रैली में शामिल नहीं थे।
उनको भी पुलिस पकड़ने का काम कर रही है। वसुंधरा राजे ने कहा कि मेरे से एक पीड़िता महिला मिलने आई. उसने बताया कि उसका पति गजेंद्र सिंह इलाज कराने के लिए अस्पताल में गया था। वह रैली में शामिल भी नहीं था। लेकिन पुलिस ने उसको पकड़ लिया, यह पुलिस की नाकामी को दर्शाता है।

सरकार को किसी पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाए दोषियों को सजा देनी चाहिए। राजे ने कहा कि लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीएम मोदी, गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत इधर-उधर गलती बताने की बजाए दोषी को दंडित करने का काम करें।


राजे ने कांग्रेस को दी सीखः

राजे ने कांग्रेस को दी सीखः राजे ने कहा कि कांग्रेस को धर्म पर राजनीति करने की बजाए, हकीकत की राजनीति करने की जरूरत है. उन्होंनेन्हों कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की जहां-जहां सरकार है वहां पर दंगे क्यों नहीं हो रहा है. राजस्थान जैसे शांत प्रिय इलाके में क्यों दंगे हो रहे हैं?. उन्होंनेन्हों कहा कि राजनीति करे कांग्रेस और नाम लगाए किसी ओर पर यह बहुत बड़ी गलती है. राजे ने सीएम गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम खुद की गलती तो मानेंगे नहीं. हीं उन्होंनेन्हों कहा कि विकास के काम के नाम पर कांग्रेस करौली मे फैलियर है. टूटी फूटी सड़कें पड़ी हुई है जो भाजपा सरकार में पैसे मंजूर किए हुए थे वो एक पैसा आगे नही बढ़ा है. चाहे कैलामाता का रास्ता हो यहा करौली के अंदर के रास्ते हों, हों हर
जगह स्थिति खराब है. उन्होंनेन्हों कहा कि भाजपा सरकार में करौली में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन स्वीकृत की थी. लेकिन आज तक मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हो पाया है.
करौली जैसी घटना ने सरकार को फैलियर घोषित कर दियाः राजे ने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि बजट में सुंदर-सुंदर कसीदे पढ़ कर सबको सुना दिया. लेकिन कांग्रेस के राज में
करौली जैसी घटना ने सरकार को फैलियर घोषित कर दिया है. राजे ने कहा कि रमजान के समय में तो बिजली सुचारू करने के लिए सरकार की ओर से पत्र जारी कर दिया जाता है.
छोटी सादड़ी के केशुन्दा गांव मे भाजपा का झंडा लगाने पर कार्यकर्ता की हत्या कर दी जाती है. भीलवाड़ा मे परशुराम सर्किल पर भगवा झंडा लटका दिया तो उसको हटवा दिया गया.
जब कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया तो वापस झंडे को लगवा दिया. उन्होंनेन्हों कहा कि भगवा कोई पार्टी का रंग नहीं बल्कि हिंदू सभ्यता का और भगवान का रंग है. इसमे किसी को दुखी नहीं
होना चाहिए

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