Monday, September 26, 2022

करौली हिंसा: राजस्थान के DGP एमएल लाठर ने वायरल तस्वीरों को झुठलाया, सांप्रदायिक एंगल के साथ वायरल तस्वीरों की सच्चाई कुछ और निकली , जानिए मामला

2 अप्रैल को राजस्थान के करौली जिले में हुई हिंसा की घटना के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक एंगल (communal angle) के दावे के साथ वीडियो और तस्वीरों की बाढ़ सी आ गई है। वायरल तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें करौली हिंसा से जुड़ी हुई है।

राजस्थान के DGP एमएल लाठर (ML Lather) ने कहा कि जो राजस्थान से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहीं है वह असल में तेलंगाना का तीन वर्ष पुराना वीडियो है। कुछ व्यक्तियों द्वारा इस पुराने वीडियो को राजस्थान हिंसा का दावा करते सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी डाली गई है। इसी प्रकार उत्तरप्रदेश के एक वीडियो को करौली हिंसा से जोड़कर दिखाया जा रहा है। DGP ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस (press conference) में कहा कि राज्य में शांति, अमन, चैन और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से पेश किया जाएगा। इसके साथ सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो डालने पर FIR दर्ज की जाएगी।

आयोजक ने रैली निकालने की शर्तों का किया उल्लंघन
DGP एमएल लाठर (ML Lather) ने कहा कि करौली में नववर्ष (newyear) के अवसर पर 2 अप्रैल को निकाली जा रही बाइक रैली में हुई हिंसा की घटना के बाद पुलिस द्वारा अब तक 23 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उपद्रव (nuisance ) के संबंध में करौली के कोतवाली थानाधिकारी (kotwali SHO) ने एक और अन्य व्यक्तियों द्वारा 9 यानि कुल 10 FIR दर्ज करायी गयी है। अब तक हुए पड़ताल में पुलिस ने 44 बदमाशों की पहचान की है। बाइक रैली निकालने के लिए संयोजक नीरज कुमार के आग्रह पर उपखण्ड मजिस्ट्रेट (sub-divisional magistrate) करौली ने 2 अप्रैल को ही रैली निकालने की सशर्त अनुमति दी थी। इन शर्तों में डीजे और लाउडस्पीकर नहीं लगाने व भड़काऊ नारे बाजी नहीं करने के साथ ही किसी भी तरह के अस्त्र शस्त्र की अनुमति नहीं दी थी। आयोजक ने शर्तों का उल्लंघन किया।

रैली निकालने पर लगी पाबंदी

2 अप्रैल को करौली जिले में हिंदू नववर्ष पर बाइक रैली पर पथराव की हिंसक घटना होने से दो समुदायों के बीच वारदात हो गई थी। घटना में 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। करौली हिंसा से राज्य में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भाजपा ने गहलोत सरकार पर जमकर हमला किया। भाजपा और कांग्रेस ने घटना के जांच के लिए कमेटि बनाया था। दोनों ही दलों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नेतृत्व को सौंप दी है। करौली हिंसा के बाद गहलोत सरकार ने त्योहारों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए है। बिना अनुमति के कोई भी रैली और शोभायात्रा नहीं निकाल सकेंगे। गहलोत सरकार ने रामनवमी से पहले अलवर, सीकर, धौलपुर और हनुमानगढ़ में धारा 144 लगा दी है। करौली में पहले से ही धारा 144 लागू है।

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