Saturday, October 1, 2022

जोधपुर से पाली के लिए रवाना हुई वाटर ट्रेन, जानें- कितने करोड़ रुपये का आएगा पानी

राजस्थान के पाली जिले में पानी का संकट गहराता जा रहा है. जवाई बांध सूखने के कारण पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए पाली जिले को जल संकट से निकालने के लिए जोधपुर से स्पेशल वाटर ट्रेन को आज फ्लैग ऑफ कर रवाना किया गया. स्पेशल वाटर ट्रेन में 40 वैगन है. एक वैगन में 50 हजार लीटर पानी लाया जा रहा है. ऐसे में एक फेरे में लगभग 20 लाख लीटर पानी पहुंचाया जाएगा, जिसका खर्च 4 लाख 10 हजार प्रति फेरा आएगा.

रेलवे विभाग और पीएचइडी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम वर्क से आज ट्रेन ले जाने का सपना साकार हुआ है. पाली जिले में पानी की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने रेलवे विभाग से ट्रेन की डिमांड की थी. रेलवे विभाग ने इस परिस्थिति को समझते हुए छुट्टियों के दिनों में भी रात-दिन काम करके ऑयल टैंक का वॉश आउट किया गया और उसे वाटर ट्रेन में तब्दील किया गया. साथ ही पीएचईडी विभाग के मुख्य अभियंता विनोद भारती और नीरज माथुर की ओर से टीम लगाकर पानी की सप्लाई सहित ट्रेन के वैगन में पानी भरने को लेकर सारी सुविधाएं पूरी की गईं. इसके बाद पाली जिले में लोगों को पानी के संकट से बचाने के लिए आज जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से स्पेशल वाटर ट्रेन को रवाना किया गया. 

इससे पहले कब-कब चली वाटर स्पेशल ट्रेन?

  • 2002 में पहली वाटर ट्रेन पाली भेजी गई थी.
  • 2005 में दूसरी बार पाली के लिए जोधपुर से वाटर ट्रेन रवाना की गई.
  • 2009 में तीसरी बार ट्रेन
  • 2016 में सभी तैयारी होने के बाद ट्रेन रोक ली गई थी.
  • 2019 में चौथी बार ट्रेन जोधपुर से पाली पहुंची थी.
  • 2021 में तैयारी के बाद बारीश आने से ट्रेन रोक ली गई थी.
  • अब 17 अप्रैल 2022 को जोधपुर से पाली जिले के लिए वाटर स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की गई है.

20 साल में पहली बार इतने लंबे सयम तक चलेगी वाटर ट्रेन

यह ट्रेन 30 अप्रैल तक हर दिन 2 फेरे लगाएगी. इसके बाद अप्रैल के बाद हर दिन 4 फेरे लेगी. पानी की परेशानी झेल रहे पाली जिले की राहत के लिए वाटर ट्रेन भेजी जा रही है. रविवार को यह ट्रेन जोधपुर से रवाना हुई और पानी लेकर पाली पहुंचेगी. 30 साल पहले की बात करें तो पाली के जवाई बांध से नहर के जरिए पानी जोधपुर लाया जा रहा था. वहीं 20 साल में पहली बार ऐसा मौका होगा, जब यह वाटर ट्रेन लंबे समय तक चलाई जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट की घोषणा की है. करीब तीन महीने तक चलने वाली इस ट्रेन पर 16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

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