Saturday, October 1, 2022

आखिर क्या है ERCP, राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक मची है रार

इन दिनों राजस्थान में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना यानी ईआरसीपी को लेकर रार मची हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसको लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री तक पर निशाना साध रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अशोक गहलोत के बीच भी शाब्दिक जंग खूब चल रही है। इन सारे विवादों के बीच आइए जानते हैं आखिर ईआरसीपी है क्या? 

यह है ईआरसीपी
ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दिमाग की उपज है। इस प्रोजेक्ट के जरिए पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों को जोड़ने की योजना बनी थी। नहरों का जाल बिछाकर इस प्रोजेक्ट के जरिए राजस्थान के पूर्वी हिस्से के 13 जिलों को लाभ पहुंचाने का प्लान है। जिन जिलों का इसका लाभ मिलेगा उनके नाम हैं, अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारा, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर, करौली। इस प्रोजेक्ट के जरिए इन जिलों में पीने के पानी और 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के पानी की जरूरत पूरी होती रहेगी।

इतनी आबादी को मिलेगा लाभ
ईआरसीपी के जरिए राजस्थान के 23.67 फीसदी इलाके को कवर किए जाने की योजना है। इसके साथ ही इस योजना से राज्य की 41.13 फीसदी आबादी को लाभ मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों और सात साल में पूरा होना है। इसके लिए जो बजट तय किया गया है वह 40 हजार करोड़ का है। चूंकि इतनी बड़ी राशि के प्रोजेक्ट को राज्य अकेले दम पूरा नहीं कर सकता इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बार-बार ईआरसीपी को केंद्र से राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि नेशनल प्रोजेक्ट घोषित होने की सूरत में प्रोजेक्ट के कुल खर्च का 90 फीसदी केंद्र सरकार को देना होगा। 

पीएम ने क्या कहा था
गौरतलब है कि इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी का भी एक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा था कि राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के बाद से कोई बड़ा सिंचाई और पेयजल प्रोजेक्ट नहीं आया है। इसके बाद उन्होंने कहा था कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) की मांग काफी समय से उठ रही थी। तब उन्होंने इस प्रोजेक्ट के तकनीकी अध्ययन की भी बात की थी। हालांकि बीते दिनों केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पीएम द्वारा ऐसी कोई बात कहने से इंकार कर दिया गया। तब वहां मौजूद राजस्थान के जलदाय मंत्री ने कहा था कि पीएम ने यह बात कही है। बाद में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम के भाषण का वीडियो भी जारी किया था। 

सीएम क्या कह रहे हैं
वहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत इस मामले को लेकर लगातार आक्रामक हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि यह समझ के परे है कि राजस्थान जैसे रेगिस्तानी एवं जल अभावग्रस्त राज्य को पानी की परियोजना को नेशनल प्रोजेक्ट का दर्जा नहीं मिलेगा तो किस राज्य को मिलेगा? यह स्थिति तो तब है जब यहां के सांसद ही जलशक्ति मंत्री हैं पर वो प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि राज्य सरकार के सीमित संसाधनों से इस परियोजना को पूरा होने में 15 साल लग जाएंगे एवं परियोजना की लागत भी बढ़ती जाएगी। केन्द्र सरकार इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देती है तो वहां से ग्रांट मिलने पर काम भी तेजी से पूरा होगा एवं कम लागत में काम हो सकेगा। हमारी मंशा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का काम शीघ्र पूरा हो जिससे पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को पेयजल व सिंचाई का पानी मिल सके। प्रदेश सरकार ने इस पर अभी तक करीब 1000 करोड़ का व्यय किए हैं एवं इस बजट में 9600 करोड़ प्रस्तावित किए हैं।

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