Saturday, October 1, 2022

क्या राजस्थान में कांग्रेस बदलेगी अपना सीएम? अशोक गहलोत खुद क्यों करने लगे इस्तीफे की बात

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशाेक गहलोत को लेकर कांग्रेस पार्टी हमेशा एक अनुभवी और कुशल प्रशासक होने का दावा करती रही है।खुद गहलोत अपने आपको ‘राजनीति का जादूगर’ कहते नहीं थकते। उनके भाषणों में अमूमन यह भी सुनने को मिलता है कि ‘जाति विशेष के कारण नहीं, वो 36 कौमों के प्यार से सीएम’ बने हैं। वो कभी किसी में कोई भेदभाव नहीं करते। गहलोत यह भी कई बार दौहरा चुके है कि ‘मेरी जाति का सिर्फ एक ही एमएलए है, और वह मैं खुद हूं।’ लेकिन एक दिन पहले शनिवार को गहलोत के मुंह से यह भी सुनने को मिला कि ‘मेरा इस्तीफा तो 1998 से सोनिया गांधी के पास परमानेंट रखा हुआ है. मैंने उन्हें फैसला लेने के लिए अधिकृत कर रखा है। जब निर्णय होगा तो लोगों को कानोकान खबर नहीं होगी’। अब राजनीतिक हलकों में यही चर्चा है कि आखिर गहलोत को खुद अपने इस्तीफे की बात क्यों करने लगे हैं? क्या राजस्थान में कांग्रेस सीएम बदलने जा रही है?

कांग्रेस जल्द ही बड़ा निर्णय ले सकती है

पांच राज्यों में शिकस्त के बाद कांग्रेस अब आगामी विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव का लक्ष्य भेदने की तैयारी में जुटी है। पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के घर मंथन और चुनावी रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर की एंट्री के बाद राजस्थान की सियासत में भी फेरबदल के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही उत्तर प्रदेश, पंजाब ,मणिपुर, उत्तराखंड और गोवा विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों के बाद अब पार्टी 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव को बेहद संजिदगी से ले रही है। माना जा रहा है कि राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस भी जल्द ही बड़ा निर्णय ले सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान में कांग्रेस जल्द अपना सीएम बदलेगी? लेकिन इन चर्चाओं को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शनिवार को दिए बयान ने और हवा दे दी है। हालांकि गहलोत ने खुद अपने भाषण में यह भी कहा कि ये सिर्फ अफवाहें हैं।

विधानसभा चुनाव 2023 का माहौल तैयार! पीछे नहीं रहना चाहती कांग्रेस
पार्टी सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन जल्द होने की उम्मीद है। 2023 में विधानसभा चुनाव को देखते हुए जल्द ही अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल, प्रदेश में अभी से चुनावी माहौल तैयार होने लगा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा का दौरा हो या गृहमंत्री अमित शाह की अगले महीने प्रस्तावित रैली, कांग्रेस पार्टी भी अब पीछे नहीं रहना चाहती। सूत्रों की मानें तो राजस्थान में पार्टी आलाकमान समय रहते हस्तक्षेप करने के मानस में है। यह भी माना जा रहा है यदि परिवर्तन का कोई निर्णय लेना है तो उसे तुरंत लिया जाना चाहिए। ताकि नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करने का समय मिल सके और अंतिम समय में कोई समस्या न हो।

चर्चाओं पर गहलोत ने क्या कहा?
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की हाल ही दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं होने लगी थी कि राजस्थान में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने वाला है। इन्हीं चर्चाओं का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को अपने भाषण में भी जिक्र किया। जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में गहलोत ने कहा कि दो-तीन दिन से मैं सुन रहा हूं कि मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं चल रही है। इन बातों में कोई दम नहीं है। यह सिर्फ अफवाह है। इन पर ध्यान न दें। ऐसी चर्चाओं से गवर्नेस पर फर्क पड़ता है।

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