किसानों की खुशहाली और समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।CM Ashok Ghelot ने इसी सोच के साथ प्रदेश में अलग से कृषि बजट पेश करने का ऐतिहासिक निर्णय किया। साथ ही किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना लागू की है। इस योजना से प्रदेश के लगभग 7 लाख 50 हजार किसानों का बिजली बिल शून्य हो गया है यानि इन किसानों को मुफ्त बिजली मिल रही है।

ऊर्जा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी का कहना है कि मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बिजली के खर्च से चिंता मुक्त करने की ओर एक बड़ी पहल है। राज्य सरकार ने 17 जुलाई, 2021 को इस योजना की शुरूआत की और इसका लाभ बिलिंग माह मई, 2021 से दिया गया। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ सामान्य श्रेणी ग्रामीण मीटर एवं फ्लैट रेट श्रेणी के सभी कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को कृषि बिजली बिल में प्रतिमाह एक हजार रुपए और अधिकतम 12 हजार रुपए प्रति वर्ष का अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान विद्युत बिल में समायोजन के माध्यम से दिया जा रहा है। किसी माह में बिल राशि एक हजार रुपए से कम होने पर अनुदान की शेष राशि का लाभ उसी वित्तीय वर्ष के आगामी माह में समायोजित किया जा रहा है, ताकि छूट का पूरा लाभ किसान को मिले। सरकार की इस योजना से प्रदेश में लघु एवं मध्यम वर्ग के किसानों के लिए कृषि बिजली लगभग निःशुल्क हो गई।

प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा भास्कर ए सावंत ने बताया कि योजना में अगस्त 2022 तक प्रदेश के लगभग 12 लाख 75 हजार कृषि उपभोक्ताओं को 1324 करोड़ 47 लाख रूपए से अधिक का अतिरिक्त अनुदान विद्युत बिलों में प्रदान किया जा चुका है। इस अवधि के दौरान लगभग 7 लाख 48 हजार 899 कृषि उपभोक्ताओं को शून्य राशि के विद्युत बिल जारी हुए हैं। प्रमुख शासन सचिव का कहना है कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण कृषि उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से लघु एवं मध्यम वर्ग के किसानों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें निःशुल्क बिजली मिल रही है।

CM Ashok Ghelot द्वारा शरू की इस योजना से हुआ बिजली बिल जीरो -लाभान्वित किसान

दौसा जिले के किसान कमलेश शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना शुरू होने से पहले उन्हें सालभर में कृषि बिजली के लिए 10 से 12 हजार रुपये चुकाने पड़ते थे। CM Ashok Ghelot ने जब से यह योजना शुरू की है, उनका बिजली बिल जीरो हो गया है। इस पैसे का उपयोग वे कृषि से जुड़ी दूसरी गतिविधियों में कर पा रहे हैं। बिजली के खर्च की चिंता दूर होने से उन्हें बड़ा संबल मिला है। सरकार ने यह फैसला लेकर किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है।

इसी तरह डूंगरपुर जिले के किसान शंकर का कहना है कि उनका प्रतिमाह कृषि बिजली बिल एक हजार रुपये तक आता था, लेकिन किसान मित्र ऊर्जा योजना में एक हजार रुपये की सब्सिडी मिलने के कारण उनका कृषि बिजली बिल अब शून्य आता है।CM Ashok Ghelot के इस किसान हितैषी निर्णय से खेती करना आसान हुआ है और हर माह बिजली के बिल को जमा कराने से मुक्ति मिली है। शंकर ने कहा कि प्रदेशभर के हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के किसानों की खुशहाली के लिए तो मुख्यमंत्री का यह कारगर कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत वास्तव में गरीबों के मसीहा हैं।
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